मौनी अमावस्या पर्व के बाद शनिवार को संगम स्नान के बाद उमड़ी लाखों की भीड़ से पुलिस व प्रशासन की सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाएं बुरी तरह लड़खड़ा गई। स्थिति यह रही कि पूरी नगरी में घंटों तक जगह-जगह जाम से पैदल चलना भी दुश्वार रहा।
दूसरी बेला बाद स्थिति सामान्य की ओर आती दिखी लेकिन अभी भी लाखों की संख्या में प्रयाग से लौट रहे श्रद्धालुओं के आने का क्रम बना हुआ है। एसपी सिटी उदय शंकर ने बताया कि अब तक करीब तीन लाख श्रद्धालु आ चुके हैं।
प्रयाग माघ मेले में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के रामनगरी पहुंचने से सुरक्षा से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधाओं की सारी व्यवस्थाएं नाकाफी दिखीं। स्थिति यह रही कि भोर से ही सरयू के स्नान घाट से मुख्यमार्ग पर नयाघाट बंधा तिराहा, तुलसी उद्यान के पास, छोटी देवकाली, बड़ा डाकखाना, श्रृंगारहाट, हनुमानगढ़ी चौराहा, दंतधावनकुंड तिराहा से श्रीराम अस्पताल तक श्रद्धालुओं की ऐसी भीड़ रही कि पैदल चलना भी दुश्वार हो गया।
भीड़ का सर्वाधिक दबाव प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर मार्ग पर दर्शन-पूजन के लिए उमड़ी भीड़ का रहा। प्रतिवर्ष परंपरागत ढंग से होने वाली भारी भीड़ से आंखें मूंदे बैठे पुलिस व प्रशासन के अफसर लगभग साढ़े नौ बजे बाद सक्रिय हुए और प्रतिबंधों को कड़ाई से लागू कर पैरा मिलेट्री फोर्स को बैरियर व चौराहों पर तैनात कर व्यवस्था को संभाली।
राम की पैड़ी पर चल रहे सफाई कार्य से पूरे परिक्षेत्र में मार्गों पर फैली गंदगी से गुजरने के दौरान कई श्रद्धालु फिसल कर गिरते और चुटहिल होते रहे। यह स्थिति देर शाम तक बनी रही। शाम ढलने के साथ भीड़ का दबाव मंदिरों की ओर कम होने लगा।
प्रयाग से लौट रहे श्रद्धालुओं की भीड़ के आने का क्रम अभी भी बना हुआ है तो दर्शन-पूजन कर लौट रहे श्रद्धालुओं के भी भारी भीड़ है। श्रद्धालुओं के छोटे व बड़े वाहनों की भारी भीड़ का जमाव नयाघाट बंधा तिराहे से रामघाट फोरलेन बाईपास पुल के ऊपर व नीचे और आसपास के क्षेत्रों में रहा।
श्रद्धालुओं के भारी जमावड़े के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन ने यातायात को प्रतिबंधित कर दिया। चार पहिया से टैक्सी वाहनों का नगर क्षेत्र में प्रवेश रोक दिया गया है लेकिन रोके गए वाहन गलियों के रास्ते मुख्य मार्ग पर भीड़ के बीच दौड़ते रहे।