कोहरे में हाड़ कंपाती ठंड जानलेवा हो गई है। बीकापुर तहसील के नरायनपुर गांव निवासी एक किसान की ठंड से मौत हो गई। राजस्व विभाग की टीम बुधवार सुबह मौके पर पहुंच परविार को कंबल उपलब्ध कराया।
पारिवारिक लाभ योजना से तीस हजार की मदद का आश्वासन दिया गया है। जिले भर में आधी रात से सुबह 10 बजे तक घना कोहरा से सड़कों पर वाहन और ट्रैक पर ट्रेनें रेंगती नजर आईं। चालकों की देख पाने की क्षमता (विजिविलटी) शून्य हो गई।
पिछले तीन दिनों से कोहरे और गलन की मार झेल रहे नागरिकों तथा बेजुबानों के लिए दोपहर बाद सूर्य की किरणें जमीन तक पहुंचीं, मगर सर्द हवाओं और गलन से राहत नहीं मिली। मंगलवार ठंड से कांप रहे तारुन थानाक्षेत्र के नरायनपुर गांव निवासी बद्रीनाथ प्रजापति (55) पुत्र झिन्नू को तारुन सीएचसी लाया गया।
डॉक्टरों ने दवा-इलाज कर घर ले जाने को कहा, मगर सुबह जब परिवारीजन उन्हें जगाने गए तो प्राण-पखेरु उड़ चुके थे। मृतक के पुत्र मनोज झा ने बताया कि 10 दिसंबर को घर में चाचा की लड़की की शादी थी, उसी दौरान पिता को ठंड लगी थी।
पेट दर्द तेज होने पर मंगलवार को सीएचसी पर दिखाया गया था। मौत की सूचना पर तहसील प्रशासन ने मौके पर कानूनगो व लेखपाल को भेजा। कानूनगो जनार्दन सिंह व लेखपाल रामदास का कहना है कि परिवार को कंबल उपलब्ध कराया गया है। पारिवारिक लाभ योजना से 30 हजार की मदद के लिए आवेदन पत्र भराया गया है। प्रशासन की स्वीकृति के बाद इसे उपलब्ध कराया जाएगा।
उधर, कोहरे के कारण शहर से लेकर ग्रामीण बाजारों के निवासियों व गांवों के लोगों की सुबह-शाम और रातें पहाड़ सरीखी हो गई हैं। गांवों में लोग सुबह-शाम अलाव जलाकर ठंड-गलन से कुछ निजात पा ले रहे हैं, लेकिन ग्रामीण बाजारों की दशा सबसे खराब है। यहां के निवासी सरकारी अलाव का मुंह ताक रहे हैं। यही हाल नगरीय इलाकों की है। दिन में कहीं-कहीं टायर फूंककर दुकानदार सर्दी से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
पछुआ हवा चलने से बढ़ी गलन
नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार जिलावासियों के लिए राहत भरी खबर इतनी है कि अगले दो दिनों तक दिन में धूप निकलते रहने की उम्मीद है। हालांकि सुबह-शाम घने कोहरे तथा ठंड-गलन से निजात मिलने की संभावना न के बराबर है। कहा, पहाड़ों पर होती बर्फबारी और पछुआ हवा से मैदान में ठंड गलन बढ़ गई है। दोनों ही तापमान सामान्य तो हैं, लेकिन आर्र्दता सौ फीसदी थी। बोले, गलन की वजह कोहरे के साथ पछुआ हवा का चलना है।