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रामायण की कहानियां बयां करेंगी मंदिर की दीवारें

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अयोध्या में राममंदिर का प्रस्तावित मॉडल। - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राममंदिर निर्माण के क्रम में गर्भगृह तेजी से आकार ले रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर को भव्यता प्रदान करने के लिए इसका बजट भी बढ़ा दिया है।
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अब राममंदिर के निर्माण में 1800 करोड़ की लागत आएगी। मंदिर को भव्य व दिव्य बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के साथ प्राचीन पद्धति का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
राममंदिर की दीवारों पर धार्मिक थीम भी उकेरी जाएगी। जिससे कि राममंदिर में प्रवेश करते ही धार्मिकता एवं आध्यात्मिकता का अहसास हो। राममंदिर की दीवारें रामायण की कहानियां बयां करेंगी।
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र ने शुक्रवार को वार्ता में बताया कि हाल ही में हुई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में दिल्ली से आए आर्किटेक्ट इंजीनियरों ने मंदिर की दीवारों पर उकेरी जाने वाली धार्मिक थीम का प्रजेंटेशन दिया था।
मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की उपस्थिति में ट्रस्टियों ने थीम को फाइनल भी कर दिया है। दीवारों पर शंख, चक्र, गदा, कलश, गाय, पुष्प सहित अन्य शुभता के प्रतीक चिन्ह उकेरें जाएंगे।
देवी-देवताओं की मूर्तियों को भी स्तंभों पर उकेरा जाएगा। साथ ही रामकथा के दृश्य भी राममंदिर के स्तंभों पर सजीव होते दिखेंगे। धनुष भंग, राम विवाह, सीता हरण, हनुमान का अशोक वाटिका में प्रवेश, समुद्र पर पुल निर्माण, राम-रावण युद्ध जैसे अनेक दृश्य न सिर्फ स्थापत्य कला का नमूना पेश करेंगे बल्कि मंदिर की धार्मिक भव्यता भी बढ़ाएंगे।
राममंदिर वंशीपहाड़पुर के गुलाबी पत्थरों से सज रहा है। इन्हीं पत्थरों पर धार्मिक थीम गढ़ी जाएगी ताकि भक्तों को मंदिर परिसर में त्रेतायुग का अहसास हो। इसके लिए ट्रस्ट ने इंदिरा गांधी आर्ट सेंटर के आर्टिस्टों की मदद ली थी।
उन्होंने करीब चार महीने की मेहनत के बाद राममंदिर की दीवारों पर गढ़ी जाने वाली थीम का चयन कर ट्रस्ट के समक्ष उसका प्रजेंटेशन भी कर दिया है।
इस थीम की डिजाइन को लेकर रामनगरी के संत-धर्माचार्यों से भी राय ली गई है। इसके अलाव गर्भगृह के फर्श की भव्यता बढ़ाने के लिए मकराना के संगमरमर का इस्तेमाल किया जाएगा।
राममंदिर निर्माण हो जाने के बाद भीड़ का दबाव कितना होगा इसको लेकर भी काम चल रहा है। माना जा रहा है कि मंदिर बनने के बाद प्रतिदिन करीब एक लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन-पूजन को पहुंचेंगे।
ट्रस्ट सूत्रों के मुताबिक पूरी भीड़ सिर्फ राममंदिर के इर्द-गिर्द न रहे इसलिए परिसर में अन्य कई दर्शनीय स्थल भी बनाए जाएंगे। जिसमें म्यूजियम, 360 डिग्री थियेटर सहित अन्य कई प्रकल्प हैं।
इसी क्रम में आठ अन्य मंदिरों की भी योजना तैयारी की गई है। साथ ही मंदिर परिसर के बाहर 25 हजार भक्तों के लिए एक तीर्थयात्री केंद्र बनाए जाने पर भी सहमति बन गई है।
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