पारा लुढ़कने से जनवरी माह में पड़ी ठंड का बुधवार को तीन वर्ष पुराना रिकार्ड ध्वस्त हो गया। तेज पछुआ हवाओं से गलन हाड़ कंपा रही है। पारा लुढ़क कर चार डिग्री रिकार्ड हुआ है, लोगों के शरीर में हवा नस्तर जैसे चुभती रही और दिन ढलने से लेकर भोर तक बाहर निकलने वालों के दांत कटकटा रहे हैं। मौसम विज्ञान विभाग ने अगले तीन दिनों तक राहत न मिलने की संभावना जताई है।
दिनभर धूप होते हुए भी बुधवार को गलन व ठंड से आम जनजीवन पूरी तरह बेहाल रहा। खेतों में सुबह से ही काम करने वाले किसानों के सामने सबसे अधिक कठिनाई रही। कक्षा 8 से ऊपर के स्कूल और कॉलेज खुले होने से छात्र-छात्राओं पर ठंड का कहर भारी पड़ा। कई स्कूलों में खिड़की-जंगले खुले रहने से गलन भरी हवाओं ने बच्चों के दांत बजा दिए। हालांकि गुरुवार को कक्षा एक से 8 तक के स्कूल खुलने हैं, इसे लेकर अभिभावक सहमे हुए हैं।
नरेन्द्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक ने बताया कि बुधवार को न्यूनतम पारा सामान्य से चार डिग्री नीचे आकर चार डिग्री रिकॉर्ड हुआ है। उन्होंने कहा कि बीते तीन वर्षों 2013 से 2016 का सर्दी का रिकॉर्ड टूट गया है। जनवरी 2012 में तापमान सामान्य से छह डिग्री कम होकर दो डिग्री पर पहुंच गया था।
उन्होंने अगले तीन दिनों में ठंड व गलन से निजात नहीं मिलने की संभावना व्यक्त की है। कहा, पहाड़ों तथा हिमाचल और जम्मू कश्मीर में हो रही बर्फबारी से गलन को साढ़े चार किमी. प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही पछुआ हवा ने और बढ़ा दी है।
कोहरा न होने और धूप निकलने के बाद भी आम लोगों के साथ ही बेजुबानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुबह का न्यूनतम तापमान चार डिग्री है, लेकिन दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम होकर 19 डिग्री पर पहुंच गया है। ऐसे में मौसम के करवट लेने तथा और पारा लुढ़कने की उम्मीद है।
ट्रेनें लेट, पटना-कोटा व फरक्का अनिश्चित
फैजाबाद। कोहरे और ठंड से ट्रेनें समय पर स्टेशन नहीं पहुंच पा रही हैं। यात्री ठंड-गलन से बेहाल रहे। अप कोटा पटना और डाउन दिल्ली माल्दा फरक्का एक्सप्रेस अनिश्चित लेट थीं। इसके अलावा इलाहाबाद-बस्ती मनवर-संगम एक्सप्रेस डाउन अजमेर किशन गंज ट्रेनों के चार घंटा बाद आने की उम्मीदें थीं। डाउन साबरमती, दून एक्सप्रेस और अप 54333 पैसेंजर ट्रेनें डेढ़ से दो घंटे की देरी से पहुंचीं और रवाना हुईं।