रामपुरभगन में मलबे में सामान बीनते परिवारीजन।
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पिछले दो दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश से कई जगहों पर मकान-दीवार और पेड़ गिरे हैं। कैंट क्षेत्र के हरीपुर जलालाबाद में दीवार गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हुई है। जबकि हैरिंग्टनगंज के दो गांवों में तीन मकान ढहे हैं। मवई में पेड़ गिरने से चार घंटे तक हाईवे जाम रहा। उधर, बीकापुर में बरसात के दौरान छप्पर व दीवार गिरने से मां-बेटी घायल हो गईं।
कैंट थाना क्षेत्र स्थित हरीपुर जलालाबाद में बरसात के चलते एक पुराने मकान की छत अचानक ढह गई। मलबे की चपेट में आकर कमरे में सो रहे मकान मालिक कृपाशंकर दूबे (60) की मौत हो गई। हादसा मंगलवार की देर शाम हुआ। हैरिंग्टनगंज प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के दो गांवों में तीन मकान बारिश की चपेट में आकर ढह गए।
रुक-रुक कर दो दिन हुई बरसात में ग्राम पलिया लोहानी मजरे पिड़ोरा निवासी संतराम यादव व ग्राम पलिया लोहानी निवासी नकछेद पाल का मकान धराशायी हो गया। वहीं ग्राम जोहन निवासी मनोज मौर्य का खपड़ैल का मकान बरसात में ढह गया।
मवई प्रतिनिधि के अनुसार, रुदौली वन रेंज बसौढ़ी पौधशाला पर कई वर्ष पुराना पीपल का पेड़ मंगलवार रात लगभग 12 बजे अचानक गिर गया। जिससे चलते नेशनल हाईवे चार घंटे तक जाम रहा। सूचना पर पहुंचे सीओ रुदौली संतोष कुमार ने क्रेन से पेड़ हटवाया। जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका।
बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार, बरसात के दौरान छप्पर व दीवार गिरने से मां-बेटी घायल हो गयीं। कोतवाली के कटारी निवासी अमरपति पत्नी राजितराम यादव (40) अपनी पुत्री पिंकी (17) साथ बुधवार दोपहर करीब 2 बजे अपने छप्पर के घर में बैठी थी। अचानक बरसात के साथ तेज हवा चलने से दीवार व छप्पर ढह गया। जिसके मलबे में दोनों दब गईं।
चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकाला और उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया। ग्राम प्रधान अरुण कुमार यादव ने बताया कि पीड़ित के पास रहने के लिए यही एक मात्र छप्पर था। तहसीलदार गिरीश कुमार झा ने बताया कि हल्का लेखपाल व कानूनगो को मौके पर भेजा गया है।