अयोध्या धाम की ऐतिहासिक चौरासी कोसी परिक्रमा अपने छठे पड़ाव स्थल सीताकुंड तोरोमाफी में रात्रि विश्राम के बाद शनिवार सुबह अगले पड़ाव स्थल के लिए रवाना हुई। परिक्रमार्थी ओहरपुर, देवसियापारा, रुरुखास होते हुए देर शाम सातवें रात्रि विश्राम स्थल इनायतनगर थाना क्षेत्र के ढेमा वैश्य पहुंचे। रास्ते में परिक्रमार्थियों का जगह-जगह लोगों ने स्वागत व जलपान आदि कराया।
तोरोमाफी से ओहरपुर पहुंचे परिक्रमार्थियों का क्षेत्र के महादेव यादव, जयप्रकाश राय, शेषराम, रामदास, दुर्गाप्रसाद आदि ने स्वागत किया। इसके बाद परिक्रमार्थियों का जत्था देवसियापारा होते हुए प्राथमिक विद्यालय रुरुखास पहुंच कर दोपहर विश्राम किया। वहां पर ग्रामप्रधान रीता देवी, राजेश गौड़, अजीत सिंह, दिनेश सिंह, रामदीन जायसवाल, पवन कुमार, पुष्पेंद्र, शिवकुमार आदि ने परिक्रमार्थियों का फूल मालाओं से स्वागत किया।
दोपहर परिक्रमार्थियों के जलपान के बाद भोजन की व्यवस्था भी की गई। इस दौरान क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पहुंच कर भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया। यहां से परिक्रमार्थियों का जत्था आगे बढ़ते हुए सातवें रत्रि विश्राम स्थल हैरिंग्टनगंज ब्लॉक के ढेमा वैश्य में ब्रहम बाबा देव स्थान पर पहुंची। ग्रामीणों ने परिक्रमार्थियों का स्वागत किया और भोजन प्रसाद की व्यवस्था की। यहां पर सियाराम, साहबदीन, शिव प्रसाद, पवन तिवारी, सुरेश व रमेश सिंह आदि ने स्वागत व सेवा की। परिक्रमा संचालक महंथ गयादास ने कहा कि चौरासी कोसी परिक्रमा करने से मनुष्य के जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं। पुण्य पुंज का सूर्योदय होता है।