फैजाबाद में शुक्रवार को बारिश से बचने के लिए इस तरह निकले लोग।
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पिछले पांच दिनों की धूप के बाद शुक्रवार सुबह से मौसम का मिजाज बदल गया। दोपहर बाद तक कई चक्रों में फसलों के लिए सोना बरसा। हवा तेज होने से नाममात्र उन्हीं किसानों को नुकसान पहुंचा, जहां सरसों के फूलों से लदे पेड़ हवा के झोकों से खूब इतराए।
रह-रह कर घनी बदली के बाद होती रही बरसात से गेहूं, चना, मटर, अरहल व सरसों की फसलों को खासा फायदा पहुंचा है। इससे किसानों को आर्थिक लाभ हुआ है और एक सिंचाई करने से बचत हो गई है। इस दौरान जिले में 16.8 वर्षा दर्ज हुई। शनिवार को भी बूंदाबांदी के आसार हैं।
रात की बूंदाबांदी व शुक्रवार सुबह बदली के बीच रह-रह कर होती वर्षा और तेज पछुआ हवा से हर कोई कांप उठा। शनिवार से मौसम में सुधार होने के साथ दिन में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। ऐसे में लोगों को सर्दी फिर परेशान कर सकती है। दो दिन पहले मौसम विभाग का किया अनुमान सटीक बैठा है।
प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में तेज बरसात तो पूर्वी इलाकों सहित फैजाबाद में बूंदाबांदी, वर्षा और हवा से सर्दी बढ़ गई। नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सीताराम मिश्र ने बताया कि शनिवार दोपहर बाद से आसमान साफ होने लगेगा। पश्चिमी विछोभ और पछुआ हवा से बूंदाबांदी हो सकती है।