यह आदेश सीजेएम देवकांत शुक्ल की अदालत से हुआ है। आरोप है कि वेतन मांगने पर दलित नौकर को मारपीट कर उसका पैसा हड़प लिया गया।
अधिवक्ता पवन तिवारी ने बताया कि कोतवाली नगर के ककरही बाजार निवासी चंद्रभान को घनश्याम दास एंड संस के मालिकान अजय अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, विशाल अग्रवाल ने आठ हजार रुपये प्रतिमाह वेतन के आधार पर डिस्पैच करने के लिए रखा था।
काम के एवज में दो हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाता रहा। शेष रकम बाद में देने की बात तय हुई थी। आरोप है कि 9 अप्रैल को उसे हिसाब करने के लिए धारा रोड स्थित गोदाम पर बुलाया गया।
वहां उसे जातिसूचक गालियां दी गईं और मारपीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। अपनी चोटों का डॉक्टरी परीक्षण करवाकर उसने तहरीर कोतवाली में दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने अदालत में अर्जी दी।