मुख्य शहर रिकाबगंज से फोरलेन तक एक माह पहले बनी नई सड़क रविवार सुबह धंस गई। सड़क के पास नाला बनाने के लिए मोरंग लेकर आया ट्रक फंस गया। इसी के साथ जलापूर्ति के लिए सहादतगंज की बिछाई गई पाइप लाइन भी टूट गई है। इससे सैकड़ों घरों की जलापूर्ति भी प्रभावित बताई जा रही है।
जबकि मार्ग के चौड़ीकरण, लेपन और कुछ हिस्से में साइकिल ट्रैक के निर्माण में चार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। अब सड़क धंसने से निर्माण में हुआ भ्रष्टाचार सामने आ गया है। फोरलेन लखनऊ-गोरखपुर हाईवे से मुख्य शहर में सआदतगंज से रिकाबगंज वाया रोडवेज, कचहरी, सिविल लाइंस, विकास भवन समेत आला अफसरों के कार्यालय व आवास के सामने से गई इस सड़क के किनारे पहले इंटरलॉकिंग ब्रिक लगे थे।
हाल में इसे निकालकर चौड़ीकरण करते हुए पीचिंग की गई। पीचिंग का काम समाप्त हुए अभी एक माह भी नहीं हुआ है, जबकि साइकिल ट्रैक निर्माणाधीन है। प्रेस क्लब के पास साइकिल ट्रैक बन रहा है। रविवार को सुबह सआदतगंज के पास बन रहे नाला निर्माण के लिए मोरंग लेकर पहुंचा एक ट्रक खड़ा होते ही धंसने लगा।
चंद मिनट में ट्रक तीन फीट अंदर चला गया। इसके बाद नीचे बिछाई गई जलापूर्ति की पाइप भी दबाव से टूट गई। इससे पानी चारों तरफ फैलने लगा। अब सड़क निर्माण में गुणवत्ता सवालों के घेरे में है।
कोलतार के पीछे छिपा भ्रष्टाचार लोगों के सामने उजागर हो गया है। लोक निर्माण विभाग की ओर से अभी सड़क मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया। नगर पालिका अध्यक्ष विजय गुप्ता का कहना है कि उन्हें पाइप लाइन टूटने की जानकारी नहीं है। मामले को पता कर कार्रवाई कराई जाएगी।