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शहर में बिखरीं क्रिसमस की खुशियां

Thu, 22 Dec 2016 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो / फैजाबाद
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सजे गिरजा घर - फोटो : अमर उजाला
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शहर में क्रिसमस की खुशियां बिखरने लगी हैं। नगर के कैंट स्थित सीएनआई और सेंटमेरीज चर्च को दुल्हन की तरह सजाया जा चुका है। ईसाई समाज के लिए  क्रिसमस पर्व खुशियां लेकर आया है। दो दिन बाद पड़ रहे पर्व को लेकर ईसाई समुदाय उत्साह है।
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चर्च व स्कूलों के साथ ही घरों में क्रिसमस सेलिब्रेशन की तैयारियां हैं। गिरिजाघरों, स्कूलों व गिफ्ट शॉप में क्रिसमस ट्री सजाए जा रहे हैं। स्कूलों में क्रिसमस की धूम चल रही है। सोमवार से घर-घर कैरल सिंगिंग का कार्यक्रम चल रहा है। गुरुवार को टीम मसौधा में थी।

शहर में कैंट में सीएनआई, सेंटमेरीज, एबीसी गद्दोपुर तथा विक्ट्री चर्च कोसलपुरी व मेथोडिस्ट तथा कनौसा इंटर कॉलेज मिशनरी स्कूल हैं। इन चर्चों और स्कूलों में बच्चों की ओर से कार्यक्रम प्रस्तुत किए जा रहे हैं। नगर के मेथेडिस्ट, कनौसा इंटर कॉलेज व टाइनी टाट्स में क्रिसमस पर्व पर मनोरंजक कार्यक्रम पेश हुआ।
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गिरिजाघरों और लोगों के घरों में सोमवार से देर रात में कैरल सिंगिंग हुई। सीएनआई चर्च में महिला विंग की ओर से आराधना शुरू हो गई है। स्कूल की प्रधानाचार्या रूही पॉल कहती हैं, वह और उनकी विंग जीसस क्राइस्ट का जन्मदिन मनाने को बेताब है।

जन्मदिन 25 दिसंबर की पूर्व संध्या से ही चर्च और घरों में विशेष प्रार्थना सभाएं होंगी। तैयारी के साथ ही लगातार रिहर्सल चल रहा है। रिश्तेदारों और मित्रों को देने के लिए उपहार व नये कपड़े खरीदे जा रहे हैं। विशाल पीटर कहते हैं कि प्रभु ईशु का जन्मदिन भव्य तरीके से मनाया जाएगा। सोमवार को रात 8 बजे युवकों और युवतियों की ओर से चर्च में बोन फायर हुआ।

अब ग्रुप में घर-घर पहुंचकर कैरल सिंगिंग का कार्यक्रम चल रहा है। मिशनरी स्कूलों, रिकाबगंज, हनुमानगढ़ी में कार्यक्रम करने के बाद इस समय वह और उनकी टीम मसौधा पहुंची है। शनिवार 24 दिसंबर की रात 23:30 बजे ईसा मसीह का जन्मदिन मनाने के लिए चर्च में विशेष प्रार्थना शुरू होगी। रविवार की सुबह 10 बजे से आराधना होगी। इसके बाद मीठे, मनमोहक केक काटकर एक दूसरे को खिलाने की परंपरा का पालन होगा।

विशाल पीटर कहते हैं मिशनरीज स्कूलों और डोर टू डोर कैरल सिंगिंग का कार्यक्रम रात में चल रहा है। ‘बेतलहम में चमका एक तारा’, ‘आया मसीह चरनी में तू’, ‘उजड़े हुए को फि र बसाना, कब मना है? है अंधेरी रात तो, दिया जलाना कब मना है?’ जैसे गीत गाकर प्रभु की महिमा का वर्णन किया जा रहा है। 

केक घरों में होता है तैयार
विशाल पीटर ने बताया कि जन्मदिन की केक ईसाई लोग अपने घरों में खुद सामान खरीदकर बनाते हैं। ड्राई फ्रूट के साथ एक किलों की केक तैयार करने में आने वाली लागत 18 सौ से दो हजार रुपये के करीब बैठ रही है। उधर रिकाबगंज में केक बनाने वाले दुकानदार देवेश ने बताया कि उनके यहां क्रिसमस का केक 250 रुपये से लेकर तीन हजार रुपये तक आर्डर देने पर बनाया जाता है।
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