पुराने नोटों के प्रचलन पर रोक के मद्देनजर अंतिम सांसें गिन रही एक वृद्धा को रामनगरी में बैंक प्रबधंन की हीलाहवाली और असंवेदनशीलता का शिकार होने के मामले में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने जांच बिठा दी है। वहीं शुक्रवार की सुबह पीड़िता की सांसें थम गई। प्रकरण की जांच शुरू होने से हलचल मच गई है।
कई दिनों से बीमार चल रही बाबू बाजार स्थित मौनी मंदिर निवासी 55 वर्षीय शांती देवी पत्नी राम सनेही वर्मा तथा उसके परिवार को गुरुवार को बाबू बाजार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा प्रबंधन की अमानवीयता का शिकार होना पड़ा था।
घटना को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जानकारी पर बैंक आफ बड़ौदा के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी गुप्ता ने जांच के आदेश दिए हैं। नियावां शाखा के मुख्य प्रबंधक अरुण कुमार शुक्ला को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
शुक्रवार को क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी चतुर्वेदी ने बताया कि घटना की जानकारी के बाद नियावां शाखा के मुख्य प्रबंधक को मामले की जांच सौप दी गई है। साथ ही इस आशय की सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी। जांच अधिकारी ने पीड़ित परिवार का पक्ष जाना है।