तेज धूप व लू के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया। रविवार इस साल का सबसे गर्म दिन रिकार्ड हुआ है। अधिकतम तापमान 43 डिग्री पर पहुंच गया। यह सामान्य से एक डिग्री अधिक है। पारा चढ़ने से हर कोई बेहाल नजर आया। दिन चढ़ते ही सड़कों-बाजारों में सन्नाटा पसरने लगा।
मौसम विभाग का कहना है कि तापमान आंखें दिखा रहा है। सोमवार को इसमें कुछ कमी हो सकती है। रविवार को मई महीने का यह अब तक का सर्वाधिक तापमान रहा। बीते साल इन दिनों में यह तापमान 40 डिग्री था। बीते साल सर्वाधिक 44 डिग्री तापमान 20 अप्रैल को दर्ज किया गया था।
उधर, तेज उमस लोगों की चमड़ी झुलसाती रही। मजबूरियों में निकले युवक-युवतियां सिर और मुंह लपेट कर चलते दिखे। उमस-गर्मी बढ़ने से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में खरबूज, तरबूजा, खीरा, लस्सीऔर ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है।
बेल शरबत, आइसक्रीम व बर्फ का गोला बनाकर बेचते ठेलों पर धूप, उमस और प्यास से व्याकुल लोगों की भीड़ लगी रही। नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि पुरवा हवा से उमस बढ़ गयी है।
अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 43 पहुंच गया है। ऐसे में गर्मी से आमजन परेशान हो रहे हैं। कहा, सुबह पुरवा हवा तेज होने से न्यूतम तापमान 20.50 डिग्री था। उन्होंने बताया कि सोमवार को तापमान में गिरावट की उम्मीद है।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. नानकसरन ने गर्मी और उमस को देखते हुए हीट स्ट्रोक के मरीजों में इजाफा होने से इन्कार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सुबह दस बजे तक सभी कार्य निपटा लेने में ही भलाई है। धूप में निकलना मजबूरी हो तो पूरा बदन ढंककर निकलने में ही अच्छाई है।