फैजाबाद जिले में अब डेंगू से पीड़ित मरीजों का ब्यौरा महानिदेशक स्वास्थ्य ने सीएमओ से तलब किया है। शासन ने मच्छरों की रोकथाम के लिए मलेरिया और फाइलेरिया विभाग ने कौन से कदम उठाए हैं?
यह जानना चाहा है। विभाग की कार्रवाई के बाद भी इतनी संख्या में डेंगू के रोगी कैसे हुए, इस पर भी रिपोर्ट मांगी गई है। यहां से शासन को भेजी जा रही रिपोर्ट में डेंगू पीड़ितों की संख्या 622 से घटाकर 32 कर दी गई है, इसके पीछे एलाइजा जांच को आधार बनाया जा रहा है।
शासन का पत्र आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ब्यौरा एकत्रित करने में असजह महसूस कर रहे हैं। शुरू में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जिले में डेंगू को सिरे से नकारते रहे हैं। पानी सिर से गुजरा तो रोगियों की एनएस कार्ड से जांच शुरू हुई।
अब हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सरकार से डेंगू को लेकर ब्यौरा मांगा है, इसके बाद ऊपर से लेकर नीचे तक हलचल मची हुई है। न्यायालय से डेंगू मच्छर को नियंत्रित किए जाने के लिए की गई निरोधात्मक कार्रवाई का ब्यौरा मांगा है।
यहां शासन से डेंगू रोगियों के बारे में जानकारी मांगने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। हाल यह है कि मच्छर जनित बीमारियों के नियंत्रण के लिए विभाग की निरोधात्मक कार्रवाई महज कागजों में ही रही।
न्यायालय के आदेश के बाद स्वास्थ महानिदेशक डॉ. सुनील श्रीवास्तव ने अपर निदेशक मलेरिया के माध्यम से प्रदेश भर में मच्छरों को मारने के लिए क्या कदम उठाए गए और मच्छरों के नियंत्रण के लिए कार्रवाई की गई तो इतनी बड़ी तादाद में डेंगू के रोगी कैसे पाए गए हैं। सरकारी अस्पताल के आंकड़े बताते हैं कि जिले में एलाइजा जांच में 32 डेंगू के पॉजिटिव रोगी पाए गए हैं, जिसमें से सात गैर जिलों के मरीज हैं।