ग्रीष्मावकाश के बाद परिषदीय स्कूलों का पहला दिन बरसात की भेंट चढ़ गया। शनिवार की भोर से ही शुरू हो गयी बारिश के चलते पहले ही दिन बुनियादी शिक्षा प्रभावित हो गई। बच्चों की उपस्थिति नाम मात्र की रही।
शिक्षक भी देर से स्कूल पहुंचे, जिसके कारण कई स्कूल देर से भी खुले। छात्रों की गैरहाजिरी की वजह से प्राथमिक व जूनियर स्कूलों में एमडीएम का चूल्हा भी नहीं जला। पुलिस लाइंस स्थित प्राथमिक विद्यालय में सिर्फ तीन बच्चे ही पढ़ते हुए मिले।
यहां पर वैसे तो बच्चों की तादात अच्छी खासी रहती है लेकिन बारिश के कारण बच्चे घर से ही नहीं निकल पाए। कमोबेश ऐसी ही तस्वीर नगर पालिका परिसर स्थित प्राथमिक स्कूल महाजनी टोला की भी रही। यहां पर सिर्फ एक ही बच्चा पढ़ने के लिए आया।
उधर, तारुन प्रतिनिधि के अनुसार, बीईओ कार्यालय परिसर में प्राथमिक व जूनियर स्कूलों के अलावा किछूटी, सोनौरा, पारागरीबशाह, नेतवारी चतुरपुर, दॉंदूपुर, घूरीटीकर, परसॉवा महोला, आगागंज, बालापुर, ककोली और समदा सहित कई स्कूलों में बच्चों की नाममात्र मौजूदगी के कारण एमडीएम नहीं बनाया गया।
कहीं-कहीं पर तो सिर्फ एक-दो बच्चे ही उपस्थित थे। शिक्षक संघ अध्यक्ष रामगोपाल यादव ने बताया कि मौसम की खराबी की वजह से छात्रों की उपस्थिति कम रही। जबकि एबीआरसी सिकंदर सिंह ने कहा कि शिक्षण कार्य व एमडीएम में सुधार लाने को शिक्षकों को कहा गया है।
सोहावल प्रतिनिधि के अनुसार, ज्यादातर स्कूलों में छात्र/छात्राओं की तादात दहाई अंक को भी प्राप्त नहीं कर पाई। प्राथमिक स्कूल तहसीनपुर में 84 में सिर्फ चार बच्चे ही स्कूल आए। छात्रों की मौजूदगी के मामले में कमोबेश ऐसी ही तस्वीर ब्लॉक के अन्य स्कूलों की भी रही।
जिले के पूरा बाजार, मया बाजार, मसौधा, बीकापुर, अमानीगंज, रुदौली, मवई, हैरिंग्टनगंज आदि शिक्षा क्षेत्रों में भी बारिश हुई जिसके कारण इन ब्लॉकों में भी पहले दिन शिक्षण कार्य प्रभावित रहा। रुदौली प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल भेलसर में बच्चे नहीं आए थे लेकिन बकरी परिसर के अंदर चर रही थी।
यहां के प्रधानाध्यापक मगरे प्रसाद ने बताया कि बारिश के कारण बच्चे नहीं आए। प्राथमिक स्कूल नयागंज प्रथम एवं द्वितीय तथा रौजागांव में एक भी बच्चे नहीं आए। प्रा.वि. नयागंज के प्रधानाध्यापक सजदा बानो के अलावा सभी शिक्षक आए थे।
बीएसए संजय कुमार ने बताया कि बारिश के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हुआ है। बच्चों की मौजूदगी स्कूलों में कम रही। खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बच्चों की उपस्थिति हर हाल में अच्छी रहनी चाहिए।