अयोध्या में शुक्रवार को तुलसी स्मारक भवन के प्रेक्षागृह में रामलीला का मंचन करते थाईलैंड के कलाकार।
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रामनगरी में शुक्रवार को थाईलैंड के दल ने रामलीला के मंचन से रामकथा के दृश्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां कर लोगों का मन मोह लिया। गीत-संगीत व मधुर स्वर लहरियों के बीच तुलसी स्मारक भवन का प्रेक्षागृह अंतर्राष्ट्रीय रामलीला मंचन के यादगार क्षणों का गवाह बन गया।
विदेश मंत्रालय के भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद नई दिल्ली द्वारा अयोध्या शोध संस्थान के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय रामलीला मंचन का शुभारंभ शनिवार को महंत नारायणाचारी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
अंतर्राष्ट्रीय रामलीला के अनुपम में बाल्मीकि रामायण से प्रभावित होकर ‘रामकियन’ अर्थात रामाख्यान की रचना थाई भाषा में की गई, जिसमें से थाईलैंड रामलीला दल द्वारा ‘खोन: सीताहरण’ प्रसंग का मंचन किया गया।
थाई कलाकारों ने सुमधुर स्वर लहरियों के बीच रावण-मारीच संवाद, मारीच द्वारा राम को भ्रमित कर अपने पीछे ले जाने, रावण द्वारा संन्यासी का वेश धरकर सीता का हरण किए जाने के प्रसंग की मनोहारी प्रस्तुति की गई। कार्यक्रम के अंत में थाईलैंड के कलाकारों को फूलों का बुके देकर सम्मानित किया गया।