अयोध्या। सर्द हवा से हाड़कंपाऊ ठंड का कहर तेज हो गया है। दिन भर कोहरे व धुंध के कारण सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। दोपहर में आसमान साफ भी हुआ तो धुंध पूरी तरह नहीं छंट सकी। सुबह-शाम में छाए घने कोहरे की वजह से दुपहिया, चार पहिया वाहनों सहित बस व ट्रेनों की रफ्तार थम सी गई।
कई प्रमुख ट्रेनें निर्धारित समय काफी लेट पहुंची और वाहन सड़कों पर रेंगते नजर आए। पूरे दिन लोग हांड़कंपाऊ ठंड से घरों से निकलने का साहस नहीं जुटा सके। वहीं, कड़ाके की ठंड के चलते एक लावारिस महिला ने श्रीराम अस्पताल में दम तोड़ दिया। अब मौसम विभाग ने मौसम में और बदलाव के संकेत दिए हैं।
रविवार की देर शाम से कोहरे का प्रकोप शुरू हो गया था। रात से पड़ रही ओस की बूंदें सुबह बरसती प्रतीत हुईं। लोग सुबह सोकर उठे तो खेत-खलिहान सहित पेड़ आदि कोहरे की चादर में लिपटे नजर आए। इससे दृश्यता बेहद कम रही और हाइवे सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर दिन में भी लाइट जलाए वाहन रेंगते रहे। रात्रि सेवा वाली बसें सुबह देरी से बस अड्डे पर पहुंची।
बसों का इंतजार करने वाले यात्री ठंड से कांपते रहे। वहीं, फैजाबाद-लखनऊ रूट पर पहले ही ठंड व कोहरे को देखते हुए कई पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों को 31 जनवरी तक निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा चल रही ट्रेनें कोहरे के चलते अपने निर्धारित समय से दो से तीन घंटे लेट चल रही हैं।
इससे रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिना पर्याप्त अलाव के यात्री कड़ाके की ठंड में ट्रेनों का ठिठुरते हुए इंतजार करते रहे। कड़ाके की ठंड का असर सोमवार को सुबह से ही दिखाई दिया। शहर की सड़कों पर सुबह स्कूली बच्चों के अलावा यदाकदा ही लोग नजर आए।
दिन चढ़ने के बाद शहर की गलियों में चहलपहल दिखाई दी। पूरे दिन धूप न निकलने से लोग बेहाल रहे। बाजार और दफ्तरों में लोग ठिठुरते दिखे। जैकेट और मफलर से कसे होने के बाद भी लोग ठंड से कांपते रहे। ठंड से गरीब मजदूरों की समस्याएं बढ़ गई हैं। जहां सर्द हवा कोहरा व ठंड से फसलों में सुधार को लेकर किसानों के चेहरे पर रौनक आ गई है।
वहीं, रोज कमाने-खाने वाले गरीबों के सामने संकट का दौर शुरू हो गया है। कड़ाके की ठंड पड़ने से मजदूरों को मजदूरी नहीं मिल रही है। रिक्शा चलाने व ठेला लगाने वाले गरीबों का रोजगार भी फीका हो गया है। स्कूल-कॉलेज खुले होने से छोटे-छोटे बच्चे कांपते हुए स्कूल पहुंचे। दिन भर स्कूल में बच्चे मौजूद रहे, लेकिन कंपकंपी नहीं टूटी।
स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी औसतन कम रही। साथ ही पूर्व में स्कूलों में तय खेलकूद की गतिविधियों पर भी विराम लग गया। जिला प्रशासन की ओर से कुछ चिह्नित स्थानों पर पूर्व में जलाए गए अलाव भी फीके नजर आए। कई प्रमुख स्थानों पर तो लकड़ी का इंतजाम ही नहीं हो सका। लोग निजी व्यवस्था करके किसी तरह आग जला सके।
बाइक सवार लोगों को और दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ठंडी के असर से स्थानीय बाजारों से लेकर शहर के तमाम प्रमुख बाजारों में सन्नाटे की स्थिति रही। दिन भर छाए कोहरे व धुंध के कारण दिन का तापमान चार डिग्री लुढ़ककर 14 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 6 डिग्री कम रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
अधिकतम आद्रता बढ़कर 95 फीसदी एवं न्यूनतम 88 फीसदी रिकॉर्ड की गई। नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में आसमान में हल्के बादल छाए रहने और बारिश न होने का अनुमान है। वहीं, कड़ाके की ठंड से बीमार लावारिस महिला की श्रीराम चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड में इलाज के दौरान रविवार की देर रात करीब 11 बजे मौत हो गई।
चिकित्सकों ने बताया कि उक्त महिला अस्पताल के आसपास के क्षेत्र में घूमती रहती थी। शनिवार को ठंड लगने से बेहोशी की हालत में अस्पताल के निकट पड़ी थी। जिसे स्थानीय लोगों ने अस्पताल में भर्ती कराया था। इमरजेंसी वार्ड में उसका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उसने रविवार की देर रात दम तोड़ दिया। सीएमएस डॉ अनिल कुमार ने बताया कि महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।