अप्रैल के पहले दिन ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिये हैं। शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 40 पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से पांच डिग्री अधिक 21 डिग्री रहा। पारा बढ़ने से चटख धूप और लू के थपेड़ों से हर कोई झुलसता रहा।
नगर के चौक के अलावा कहीं प्यास बुझाने के लिए प्याऊ नहीं है। गांवों में तालाब तक नहीं भरे जा सके हैं। इससे जानवरों और पक्षियों के सामने पेयजल का अकाल है। अनेक इंडिया मार्क टू पानी नहीं दे रहे हैं। इससे पेयजल का संकट है।
तेज धूप के कारण दोपहर में सड़क पर निकले लोग धूप से बचते नजर आए। चौक क्षेत्र में दुकानों और सड़कों पर सन्नाटा दिखा। शाम होने पर ही बाजार में रौनक लौटी। अप्रैल में गर्मी का यह हाल देखकर लोग मई-जून को याद कर सहम जा रहे हैं।
शहर के कई इलाके में पालिका की पानी सप्लाई व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई है। इस पर कहीं मोटर जलने तो कभी कम वोल्टेज का बहाना बनाया जाता है। नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम विज्ञान विभाग से बताया गया कि पछुआ हवा से गर्मी और उमस बढ़ गई है।
अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 40 डिग्री हो गया। विभाग का कहना था कि रविवार को तापमान में वृद्धि हो सकती है। ऐसे में गर्मी से आम लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।