अयोध्या। जिले के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से शुरू की गई एसएमएस उपस्थिति सिस्टम से अब शिक्षक राइट टाइम होने लगे हैं।
एक जनवरी से चले इस कार्यक्रम में ग्रीष्मावकाश से पूर्व तक 269 शिक्षकों पर कार्रवाई हुई तो शिक्षक सजग हुए। इसका असर ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खुलने पर दिखाई पड़ रहा है।
जिले के परिषदीय स्कूलों में विलंब से पहुंचने वाले एवं स्कूल से बिना किसी सूचना के गायब रहने वाले शिक्षकों पर अंकुश लगाने के लिए गत वर्ष बेसिक शिक्षा विभाग ने तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ अनिल कुमार पाठक एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक आनंद के निर्देश पर अनूठी पहल की।
लापरवाह शिक्षकों को पाबंद करने के लिए अधिकारियों ने तकनीक का सहारा लिया और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर एक कंट्रोल रूम की स्थापना की गई। इसमें कुल दस आपरेटर की तैनाती की गई और निगरानी के लिए सुनील श्रीवास्तव को प्रभारी बनाया गया।
प्रथम चरण में दो-दो ब्लॉक करके इसे छह शिक्षा क्षेत्रों क्रमश: मसौधा, सोहावल, मया बाजार, तारुन, अमानीगंज, हैरिंग्टनगंज में लागू किया गया था।
शुरुआती दौर में प्रत्येक ब्लॉक से 5-10 अध्यापक अनुपस्थित मिलने लगे। जिन पर कार्रवाई हुई तो शिक्षक नेताओं में उबाल आ गया। शिक्षक नेता सड़क पर उतरे, विरोध प्रदर्शन कर इसे उत्पीड़नात्मक कार्रवाई बताते हुए बंद कराने की मांग की। फिर भी जिला प्रशासन का रूख नरम नहीं हुआ।
अंतत: शिक्षक नतमस्तक होकर इसमें सहयोग करने पर राजी हो गए। बीते एक मार्च से इस प्रणाली को जिले भर में लागू किया गया है।
ग्रीष्मावकाश से पूर्व तक अनुपस्थित मिलने वाले व एसएमएस प्रेषित न करने वाले कुल 269 शिक्षकों का एक दिन का वेतन अवरुद्ध किया गया। जिसमें मोबाइल कॉल पर अनुपस्थित पाए जाने वाले 173, एसएमएस निरीक्षण में अनुपस्थित मिले 40 व एसएमएस प्रेषित न करने वाले 56 प्रधानाध्यापक शामिल रहे।
जिला प्रशासन की सख्ती और इस अनूठे पहल का असर ग्रीष्मावकाश के बाद खुले स्कूलों में दिखाई पड़ रहा है। कंट्रोल रूम प्रभारी सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि एसएमएस उपस्थिति प्रणाली लागू होने के बाद अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों की तादाद अधिक थी, लेकिन सख्ती का असर है कि इन दिनों इक्क-दुक्का शिक्षक ही अनुपस्थित हो रहे हैं।