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Ayodhya News संगठित गिरोह के जरिए करोड़ों की कर चोरी, सात फर्मो के खिलाफ रिपोर्ट

Fri, 26 Aug 2022 03:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, अयोध्या

सार

गुप्त सूचना के आधार राज्यकर अनुसंधान शाखा अयोध्या संभाग को कर चोरी की जानकारी हुई तो एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन एके राय के नेतृत्व में अफसरों की टीम ने इसकी गोपनीय जांच शुरू की।कई दिनों की जांच के बाद जो तस्वीर सामने आई वह चौंकाने वाली रही।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संगठित गिरोह के जरिए करोड़ों रुपये की कर चोरी का मामला पकड़ा गया है। खास बात यह है कि बिहार और दिल्ली से सरिया, आयरन स्क्रैप, आयरन स्टील की सप्लाई टू-व्हीलर व थ्री व्हीलर से कर दी गई। मामला राज्यकर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा की गोपनीय जांच में पकड़ में आया। मामले में अयोध्या की एक फर्म के प्रोपराइटर सहित सात फर्मों के खिलाफ जालसाजी व कर चोरी सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

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गुप्त सूचना के आधार राज्यकर अनुसंधान शाखा अयोध्या संभाग को कर चोरी की जानकारी हुई तो एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन एके राय के नेतृत्व में अफसरों की टीम ने इसकी गोपनीय जांच शुरू की।कई दिनों की जांच के बाद जो तस्वीर सामने आई वह चौंकाने वाली रही। करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी का यह गंभीर मामला बोगस इनवाइस व फर्जी ई-बिल के जरिए खेला गया। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों की कई फर्मों के जरिए अयोध्या के फर्म मेसर्स आरएच इंटप्राइसेस ताराजीपुरम, रजौली रेतिया अयोध्या के साथ लगभग साढ़े 17 करोड़ रुपये की बोगस इनवाइस तैयार की गई।

ज्वॉइंट कमिश्नर वीएन सिंह, डिप्टी कमिश्नर चंद्रशेखर, डिप्टी कमिश्नर एसआईबी एके गुप्ता, असिस्टेंट कमिश्नर इंद्रभान वर्मा, राज्य कर अधिकारी फिरोज अली, अनुराग कुमार पांडेय, जय लाल की टीम ने कई दिनों तक इस पर माथापच्ची की। फर्मों से आयरन, आयरन स्क्रैप, आयरन स्टील आदि को लेकर व्यापार दिखाया गया है। जांच में अयोध्या स्थित फर्म स्थल पर व्यापारिक गतिविधि ही नहीं मिली।जांच में पता चला कि बोगस इनवाइसिंग करते हुए फर्म से लगभग 3.10 करोड़ की आईटीसी का लाभ लिया गया। जांच में रही सही कसर ई-वे-बिल ने पूरी कर दी।

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पता चला कि सप्लायर फर्मों से फर्म मेसर्स आरएच इंटरप्राइजेज को जिन वाहनों से माल भेजा गया वह टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर के नंबर थे। अर्थात ई-वे बिल भी बोगस जनरेट किया गया। जांच रिपोर्ट के मुताबिक वास्तविक रूप से माल की आपूर्ति किए बिना ही टैक्स इनवाइस और ई-वे बिल प्राप्त करते हुए बोगस आईटीसी प्राप्त की गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य कर विभाग अयोध्या ने  करचोरी के इस मामले में अयोध्या के एचआर इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अनुपम सिंह निवासी कुंडा भैरोपुर रतनपुर सुल्तानपुर सहित अन्य फर्मों के खिलाफ कैंट थाने में तहरीर दी।


एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन एके राय ने भी इसकी पुष्टि की है। कैंट पुलिस के मुताबिक राज्य कर विभाग अयोध्या के सहायक आयुक्त विशेष अनुसंधान शाखा इंद्र भान वर्मा की तहरीर पर एचआर इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अनुपम सिंह सहित दिल्ली व बिहार की कुल सात फर्मों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 469, 471, 120 बी, 201 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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