अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 25 वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों व उपाधि ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को दीक्षोपदेश देते हुए कुलाधिपति/राज्यपाल आंनदीबेन पटेल ने कहा कि सभी विद्यार्थी स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास को पढ़ें।
कम से कम आजादी से जुड़े इतिहास की 10 पुस्तकों का अध्ययन करें और पुस्तकों को पढ़ने के बाद क्या प्ररेणा मिली, इसका नोट्स तैयार करें। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को आजादी के मायने पता चलेंगे और अब उनकी देश व समाज के प्रति क्या जिम्मेदारी है इसका अहसास होगा।
राज्यपाल के अपने संबोधन में कहा कि आज 12 मार्च है। आज के ही दिन महात्मा गांधी वर्ष 1930 में डांडी यात्रा शुरू की थी। इसके परिपेक्ष्य में प्रधानमंत्री ने अमृत महोत्सव का आगाज किया है। इसमें युवा पीढ़ी को आजादी के मायने पहचाने की कोशिश होगी।
उन्होंने कहा कि जब देश में 150 वर्ष से लोग गुलामी के खिलाफ लड़ रहे थे तो उनको यह नहीं मालूम था कि आजादी कब आएगी लेकिन उनका दृढ़ निश्चय ही था कि आजादी आई।
कहा कि अब आजादी तो आ गई है लेकिन इस आजादी के लक्ष्य को प्राप्त करना है। भारत को आत्म निर्भर बनाने के साथ अपनी पहचान विश्व गुरु के रूप में करानी है। कहा कि वर्ष भर में आजादी के बड़े आंदोलनों से संबंधित 75 दिन हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति को निर्देश दिया कि सभी अलग-अलग 75 दिवसों में संवाद, व्याख्यान व अन्य कार्यक्रम आयोजित कराए जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कई ऐसे जिले हैं जहां आजादी की लड़ाई में बढ़ी घटनाएं हुई हैं।
इन स्थानों का लोग दर्शन करें व प्रेरणा ले कि किस तरह से आजादी आई। कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि दीक्षांत ग्रहण की शिक्षा को समर्पित करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में नए पाठ्यक्रमों में रोजगार परक शिक्षा व आत्म निर्भरता संबंधी पाठ्यक्रमों का समावेश किया जा रहा है।
नई शिक्षा नीति के तहत ऐसे पूरे प्रदेश में इस प्रकार के पाठ्यक्रम बन रहे हैं कि किसी भी विश्वविद्यालय से कोई भी विद्यार्थी कहीं जाता है तो अपने कोर्स से संबंधित 70 प्रतिशत पाठ्यक्रम में समानता होगी।
उन्होंने प्रदेश में उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल लाइब्रेरी शुरू की है। इस पर 79 हजार ई-कंटेंट लोड किए गए हैं। कोरोना काल से लेकर अब तक इसको पढ़ने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
इसके लिए प्रदेश सरकार ने आईआईएम खडगपुर व भारत सरकार से एमओयू किया है। इसको और बेहतर करने का प्रयास चल रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या सनातन धर्म की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण स्थान है।
यहां भगवान राम और अयोध्या पर बड़े शोधों की आवश्यकता है। इसके लिए निजी क्षेत्र के लोग आगे आएंगे। यहां जल्द ही निजी क्षेत्र का श्रीराम विश्वविद्यालय खोला जाएगा। साथ ही वैदिक, ज्योतिष, वैदिक रीतियों, योगों से संबंधित विषयों पर शोध किया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अभ्यागत भारतीय राजदूत व मौसम वैैज्ञानिक लक्ष्मण सिंह राठौर ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य मनुष्य के ज्ञान व विचार को अनंत आकाश में ले जाना है लेकिन इस यात्रा में उसे अपनी आधार भूमि से जोड़े रखना चाहिए।
समाज व राष्ट्र की समस्याओं के प्रति जागरूकता करना, संवेदनशीलता बनाना व दायित्व- निर्वहन की क्षमता से संपन्न करना शिक्षा का प्राथमिक उद्देश्य है। समकालीन मनुष्य की चिंताएं स्थानीय व राष्ट्रीय संदर्भ से लेकर वैश्विक स्तर तक की हैं।
कहा कि आप सभी को एक संवेदनशील विश्व नागरिक भी बनाना है ताकि मानवीय जीवन के संकट व उसकी चुनौतियों की बेहतर समझ व साझेदारी विकसित की जा सके। प्रदूषण, पर्यावरणीय विक्षोभ, जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, ओजोन क्षरण, कार्बन उत्सर्जन, जैव विविधता की हानि, बायोमास क्षरण आदि समस्याओं को संबोधित करते हुए आप सभी को प्राकृतिक संसाधनों के न्याय व सामंजस्य पूर्ण वितरण और उपयोग को प्रविधि को ने केवल विकसित करना है बल्कि प्रबोधन के स्तर पर आवश्यक जनमत का निर्माण भी करना है।
इससे पूर्व दीक्षांत समारोह का आगाज शोभायात्रा के आगमन के साथ हुआ। कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन व मां सरस्वती के चित्र पर मुख्य अतिथि समेत सभी लोगों माल्यार्पण कर किया गया।
विवि की छात्राओं की ओर से राष्ट्रगीत व विवि का गीत पेश किया गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह की ओर से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेेश शर्मा, मुख्य अभ्यागत लक्ष्मण सिंह राठौर व उच्च शिक्षा राज्य मंत्री नीलिमा कटिहार को ग्रंथ गुच्छ व पुष्प गुच्छ भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम में कुलपति ने कुलपति प्रत्यावेदन पेश किया। इसके उपरांत कुलाधिपति ने सभी मेडल को दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम में सांसद लल्लू सिंह, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, नगर विधायक वेद गुप्ता, रुदौली विधायक रामचंद्र यादव, विवि के कुलसचिव उमानाथ, कुलानुशासक प्रो. अजय प्रताप सिंह समेत सभी प्रोफेसर, कार्य परिषद के सदस्य सहित संत-महंत मौजूद रहे।
अयोध्या-अवध विवि में दीक्षांत समारोह के दौरान मौजूद लोग- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या-अवध विवि में दीक्षांत समारोह के दौरान मंचस्थ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल,डिप्टी सीएम डा.दिने- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या-अवध विवि में दीक्षांत समारोह के दौरान मौजूद सांसद,विधायक,महापौर,जिलाधिकारी,एडीजी व अन्य- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या-अवध विवि में दीक्षांत समारोह के दौरान डा.लक्ष्मण सिंह राठौर को मानद की उपाधि सौंपती राज्?- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या-अवध विवि में आयोजित दीक्षांत समारोह का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करतीं राज्यपाल आनंदीबे?- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या-अवध विवि में आयोजित दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्रा को गोल्ड मेडल देतीं राज्यपाल,डिप्- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या-अवध विवि में आयोजित दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्रा को गोल्ड मेडल देतीं राज्यपाल,डिप्- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या-अवध विवि में आयोजित दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्रा को गोल्ड मेडल देतीं राज्यपाल,डिप्- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या-अवध विवि में आयोजित दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्रा को गोल्ड मेडल देतीं राज्यपाल,डिप्- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या-अवध विवि में आयोजित दीक्षांत समारोह को संबोधित करते डिप्टी सीएम डा.दिनेश शर्मा- फोटो : FAIZABAD