फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तकनीक खामियों का खमियाजा भुगत रहे विद्यार्थी

विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि कैंपस के बी-लिब कोर्स की मार्कशीट विद्यार्थियों को देने में पेंच फंसा हुआ है। विवि प्रशासन मार्कशीट के बदले तीन हजार रुपये फीस और जमा करने की बात कर रहा है।
विज्ञापन

विद्यार्थियों का आरोप है कि 15 हजार रुपये फीस पहले ही जमा हो चुकी है। अब परीक्षा खत्म होने के बाद ये फीस कैसी आ गई जबकि विवि प्रशासन इसे ईडीपी सेल की चूक बता रहा है। प्रकरण को लेकर विद्यार्थियों ने कुलपति समेत आयुक्त से भी मुलाकात की मगर मामला अभी भी अधर में लटका है।
अवध विवि के कैंपस में बी-लिब के दो दर्जन से अधिक विद्यार्थियों ने एडमीशन लिया था। विद्यार्थियों का कहना है कि कोर्स मेें एडमीशन लेते समय विवि की वेबसाइट निर्धारित 15 हजार रुपये फीस ऑनलाइन जमा कर दी गई थी।
विज्ञापन

वर्ष भर पढ़ाई व परीक्षाओं के बाद जब विद्यार्थी मार्कशीट लेने गए तो उनसे तीन हजार रुपये बकाया फीस मांगी गई। विद्यार्थी पहले पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह से मिले। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि इस कोर्स की फीस 18 हजार रुपये ही हमेशा से रही है मगर इस बार कंप्यूटर सेक्शन में गलती से वेबसाइट पर 15 हजार रुपये फीस फीड हो गई थी। इसी वजह से सभी विद्यार्थियों को तीन हजार रुपये जमा करके ही मार्कशीट दी जाएगी।
विद्यार्थी इस प्रकरण को लेकर कुलपति के पास भी गए। कुलपति ने प्रति कुलपति को प्रकरण के निस्तारण का जिम्मा सौंपा। प्रति कुलपति ने सभी विद्यार्थियों को 18 हजार रुपये ही फीस होने की बात बताते हुए एकाउंट सेक्शन में विद्यार्थियों से बात कराई।
मगर इसके बाद भी असंतुष्ट विद्यार्थियों ने मंडलायुक्त से मिलकर ज्ञापन दिया। अभी तक मामला अधर में लटका है। पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह ने बताया है कि इस कोर्स की फीस पिछले 10 वर्ष से 18 हजार रुपये ही है। कुछ गलती से फीस 15 हजार रुपये फीड हो गई थी। डॉ. आरके सिंह ने बताया कि अधिकांश छात्र तीन हजार रुपये फीस जमा करके मार्कशीट ले जा चुके हैं। कुछ विद्यार्थी इधर-उधर भटक रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें