अयोध्या के प्रसिद्ध सावन झूला मेला पर उत्तर रेलवे की ओर से कोई मेला स्पेशल ट्रेन नहीं चलेगी। रेलवे केवल प्रयाग-फैजाबाद पैसेंजर ट्रेनों को अयोध्या तक बढ़ाने पर ही गंभीरता दिखा रहा है। इसके अलावा यात्रियों के लिए इनमें अतिरिक्त कोच लगाए जाएंगेे। अयोध्या में ट्रेनों के ठहराव की अवधि मेला खत्म होने तक दो के बजाय पांच मिनट करने की तैयारी है।
सावन झूला मेला की शुरुआत 17 अगस्त को मणिपर्वत पर झूलनोत्सव से शुरू होगी। रक्षाबंधन पर 29 अगस्त को मेले का समापन होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूर्वोंत्तर रेलवे हर वर्ष की तरह इस बार भी गोंडा से अयोध्या तक मेला स्पेशल ट्रेन चलायेगा। लेकिन उत्तर रेलवे ने चार साल से ये सुविधा बंद कर दी है।
इस बार भी उसकी मंशा अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर महज दो-तीन दिनों के लिए प्रयाग से फैजाबाद में समाप्त हो रही दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों को अयोध्या से चलाने की है। इसके अलावा यात्रियों की भीड़ को कम करते रहनेे के लिए कुछ ट्रेनों में अतिरिक्त डिब्बे लगाए जाएंगे।
अयोध्या में ट्रेनों के ठहराव की अवधि पांच मिनट होगी। सावन झूला मेला पर फैजाबाद के डीएम अनिल ढींगरा ने अतिरिक्त व्यवस्था देने की मांग रेलवे से की थी। डीएम ने तो दो बार मेला की समीक्षा बैठक में अयोध्या से मेला स्पेशल ट्रेन चलाए जाने की पूरी संभावना भी जताई थी।
रेलवे सूत्रों और डीआरएम कार्यालय लखनऊ की मानें तो रेल महकमे ने सावन झूला मेले पर बेहतर व्यवस्था देने का संकेत तो दिया है, लेकिन स्पेशल ट्रेन चलाने की संभावनाएं दूर-दूर तक नहीं है। वाणिज्य महकमे से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि किस अधिकारी ने क्या लिखा? इससे उनका कोई मतलब नहीं है।
उन्होंने श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था देने संबंधी पत्र लिखकर अपनी जिम्मेदारी निभा दी है। अब रेलवे अपनी जिम्मेदारी पूरी करेगा। बताया कि मकसद अयोध्या नगर और रेलवे स्टेशन पर जुटने वाले रेले को बाहर निकालते रहना है। इसके लिए रेलवे पूरी तरह तैयार है।
प्रयाग से चलकर फैजाबाद में समाप्त हो रही सभी पैसेंजर ट्रेनों को अयोध्या से चलाया जायेगा। इन ट्रेनों में अक्सर आठ कोच लगाए जाते रहे हैं। मेला शुरू होने पर इनमें तीन डिब्बे और जुड़ेंगे। अयोध्या में जो ट्रेनें एक मिनट, दो मिनट रुक रही हैं, उनका ठहराव अस्थाई तौर पर पांच मिनट रहेगा।