राम मंदिर के नक्शे के साथ राममंदिर के मुख्य वास्तुकार चंद्रकांत सोमपुरा
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अहमदाबाद से यहां पहुंचे राममंदिर के मुख्य वास्तुकार चंद्रकांत सोमपुरा के पुत्र आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा कहते हैं कि हमारी 15 पीढ़ियों का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट राममंदिर है। प्रधानमंत्री मोदी से 5 अगस्त को मिलने की इच्छा है। उनका सुझाव अनमोल होगा। कहते हैं, लंबी प्रतीक्षा के बाद यह घड़ी आने जा रही है।
हमारा परिवार बहुत उत्साहित है। 15 पीढ़ियों से यह काम कर रहे हैं। अब तक 131 मंदिरों के डिजाइन तैयार कर चुके हैं। मैं और निखिल दोनों भाइयों ने पिता चंद्रकांत सोमपुरा (77) के सानि्नध्य में मंदिर आर्किटेक्ट का ककहरा सीखा। अब राममंदिर के भूमि पूजन से एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।
आशीष बताते हैं कि गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के रि-कंस्ट्रक्शन का डिजाइन तैयार करने वाले उनके दादा पद्मश्री प्रभाशंकर सोमपुरा ने शिल्प-शास्त्र पर 14 किताबें भी लिखीं। नागर शैली में मंदिरों के डिजाइन में परिवार माहिर है। इसी शैली में राममंदिर का निर्माण भी होगा। आशीष का कहना है कि सबसे पहले 1989 में पिता चंद्रकांत सोमपुरा ने अयोध्या में राम मंदिर डिजाइन पर काम करना शुरू किया।
तब विश्व हिन्दू परिषद से अशोक सिंहल ने उनसे संपर्क किया था। तभी से डिजाइन को लेकर उनका परिवार लगातार विश्व हिन्दू परिषद से विमर्श करता आया है। चंद्रकांत सोमपुरा अब अधिक उम्र की वजह से घर से बाहर नहीं जाते हैं, ऐसे में निखिल व आशीष पर राममंदिर निर्माण की अहम जिम्मेदारी है।
जब मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब भी घर आते थे। पिताजी को सोमपुरा भाई कहकर संबोधित करते थे। हर बार यही पूछते थे कि राममंदिर कब बना रहे हो। जब वे भूमिपूजन करेंगे तो मुझे पिताजी से उनके सवाल का दृश्य याद आना स्वाभाविक है। दु:ख है कि स्वास्थ्य कारणों से पिताजी अयोध्या नहीं आ पा रहे हैं।
- आशीष सोमपुरा, आर्किटेक्ट, राममंदिर