सूर्यग्रहण के बाद मंदिर जाते लोग।
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सूर्यग्रहण के मोक्ष पर बुधवार को भोर में सरयू स्नान व दान समेत मंदिरों में दर्शन-पूजन को भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। ग्रहण के पूर्व व पश्चात सरयू में स्नान-दान कर लोगों ने मंदिरों में दर्शन-पूजन किया।
सूर्यग्रहण के सूतक (छूत) से मंगलवार की शाम को ही नगरी के मठ-मंदिरों के कपाट बंद हो गए थे। बुधवार को सुबह पांच बजकर 15 मिनट सूर्यग्रहण का स्पर्श और ग्रहण का मोक्ष सुबह छह बजकर 45 मिनट पर हुआ। इसके बाद सरयू के स्नान घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ जुटने लगी थी।
ग्रहण के पश्चात स्नान किया और दान-पुण्य कर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रमुख मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए जुट गई। ग्रहण को लेकर भोर में ही खुलने वाले मंदिरों के कपाट बुधवार को साढ़े आठ बजे तक परिसर की साफ-सफाई व पूजन-अभिषेक के बाद खुले।
प्रमुख मंदिर हनुमानगढ़ी, कनक भवन, श्रीराम जन्मभूमि, नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, श्रीकालेराम मंदिर, हनुमत सदन, हनुमत निवास, श्रीराम वल्लभाकुंज, तुलसीदास जी की छावनी, श्रीमणिराम दास जी की छावनी आदि के कपाट खुलते ही दर्शनार्थियों की भीड़ पूजन-अर्चन के लिए जुट गई।