अयोध्या। सरयू नदी किनारे 500 एकड़ में सोलर सिटी बनाने की योजना है। मंदिरों के शहर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के लिए गुजरात के साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर यहां सरयू रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। इसमें घाटों के किनारे सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इसके लिए नदी किनारे जमीन चिन्हित की जा रही है। सूर्य की रोशनी से रात में भी रामनगरी जल्द जगमग होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाए। इसको लेकर कवायद तेज हो चली है। लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाई है। सर्वे का काम भी लगभग पूरा हो गया है। यह परियोजना शहर की अधिकतम बिजली की जरूरत को पूरा करेगी, जिसमें श्रीराम मंदिर परिसर भी शामिल है।
यूपी नेडा के परियोजना अधिकारी संजय वर्मा ने बताया कि गुजरात में साबरमती के घाटों के किनारे सोलर पैनल लगाए गए हैं। सर्वे में सबसे बड़ी दिक्कत ये आ रही है कि यहां सरयू का किनारा कहीं-कहीं सकरा है। सरयू की धारा कभी-कभार घाटों को छोड़कर दूर चली जाती है। वहीं साबरमती में जो नहर प्रणाली है कि उसके दोनों तरफ का अंतिम छोर निश्चित है।
उन्होंने बताया कि सरयू के किनारे ऐसी जगह चिन्हित की जा रही है जो ठोस हो। बेसमेंट ऐसा बनाया जाना है, जहां कटान न हो पाए। यदि सरयू किनारे सोलर पैनल लगाने में कामयाब हुए तो भविष्य में अयोध्या में ऊर्जा की मांग की पूर्ति सरयू के घाटों के किनारे स्थापित सोलर प्लांट से होगी। साथ ही सोलर लाइटों से पूरा शहर रात में भी रोशन नजर आएगा। इसके अलावा सरयू नदी में सोलर बोट भी चलाए जाने की योजना है। हर सोलर बोट में 20 लोग एक साथ बैठ सकेंगे।
शहर में 450 स्थानों पर लग चुकीं सोलर लाइटें
परियोजना अधिकारी संजय वर्मा ने बताया कि शहर में अब तक 450 स्थानों पर सोलर लाइटें लग चुकी हैं। 132 से अधिक लोगों ने सौर ऊर्जा का कनेक्शन लगवा लिया है। अभी तक विकास भवन, कलेक्ट्रेट, आयुक्त कार्यालय सभागार, कोषागार सहित आठ सरकारी विभागों में भी सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। कोर्ट के भवनों में 80 और 35 केवी के सोलर पैनल लगे हैं। विकास भवन में 30 केवी का पैनल लगा है। इसके साथ लोगों को सोलर पैनल लगवाने के लिए जागरुक किया जा रहा है।
सर्वे की रिपोर्ट
अयोध्या शहर की जनसंख्या- 3.50 लाख
बिजली की वार्षिक खपत-81 लाख घरों में 281 मिलियन यूनिट
इन मुख्य बिंदुओं पर हो रहा काम
- ग्राउंड-माउंटेड यूटिलिटी स्केल और सौर संयंत्रों से सौर उत्पादन
- भक्तों के लिए सामुदायिक रसोई के लिए सौर ऊर्जा से खाना पकाने की व्यवस्था
- सोलर व अन्य नवीकरणीय स्रोतों से श्रीराम मंदिर परिसर की ऊर्जा जरूरत को पूरा करना
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ये बाक्स यहां नहीं लगाना है
इनसेट
सोलर पैनल लगाने के लिए किया जा रहा जागरूक
परियोजना अधिकारी संजय वर्मा ने बताया कि हर घर सोलर हाउस बन जाएगा तो हमारी डिमांड अपने आप कम हो जाएगी। जगह-जगह कैंप लगाकार लोगों को सोलर पैनल लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। बताया कि सोलर पैनल लगवाने पर केंद्र व राज्य सरकार सब्सिडी भी देती है। 30 हजार राज्य सरकार व 14588 की दर से तीन किलोवाट तक भारत सरकार दे रही है। बताया कि सोलर लगाने के बाद बिजली का बिल 40 फीसदी कम हो जाता है।