अयोध्या। रामनगरी के दर्जनों मंदिरों में सोमवार को भगवान रामलला का छठी उत्सव सीमित अनुष्ठानों के मध्य मनाया गया। भव्यता पूर्वक आयोजित होने वाला छठी उत्सव इस बार कोरोना के चलते परंपरा निर्वहन तक ही सीमित रहा। कुछ मंदिरों में दिन में तो कुछ मंदिरों में रात में उत्सव की धूम रही। भगवान को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। बधइया बाजे आंगने में, बधईया बाजे आंगने में...जैसे आचार्य प्रणीत पदों के गायन से छठी उत्सव श्रद्धा का केंद्र बना रहा।
श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास के निर्देशन में श्रीरामबल्लभाकुंज में छठी उत्सव भव्यता पूर्वक मनाया गया। यहां देर रात्रि में भगवान रामलला को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शास्त्रीय संगीतज्ञों ने बधाई गान किया तो सीमित संख्या में मौजूद मंत्रमुग्ध हो उठे। रामलला के दरबार में भी भगवान रामलला का छठी महोत्सव सादगी पूर्ण ढंग से मनाया गया। सुबह रामलला की पूजा-अर्चना कर उन्हें नए वस्त्र धारण कराए गए और प्रसाद वितरण किया गया।
दशरथ महल बड़ास्थान में भी सीमित अनुष्ठानों के बीच छठी महोत्सव का आयोजन हुआ। देर रात गायन-वादन की महफिल कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए सजी। आचार्य प्रणीत पदों के गायन सुनकर सभी निहाल हो उठे। इसी तरह रामनगरी के कनकभवन, जानकी महल ट्रस्ट, लक्ष्मण किला, सियाराम किला सहित दर्जनों मंदिरों में सीमित अनुष्ठानों के बीच छठी महोत्सव का आयोजन हुआ।