अयोध्या। रामनगरी के प्रवेश द्वार धार्मिक वैभव का अहसास तो कराएंगे ही, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के द्वार भी खोलेंगे। इस योजना पर 140 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जब ये द्वार तैयार हो जाएंगे, तब अयोध्या आने से पहले ही मन में श्रद्धा के भाव उत्पन्न होंगे। श्रद्धालु जिस भी ओर से यहां प्रवेश करेंगे, रामायणकालीन दृश्य उनके जेहन में जीवंत होते दिखेंगे। दरअसल, रामनगरी की सीमाओं पर रामायणकालीन परिकल्पना पर आधारित छह प्रवेश द्वार बनाए जाने हैं। तीन को आकार देने का काम शुरू कर दिया गया है। तीन के लिए 25 फीसदी जमीन अधिग्रहण हो चुका है।
लखनऊ मार्ग पर श्रीरामद्वार, गोरखपुर मार्ग पर हनुमान द्वार, गोंडा मार्ग पर लक्ष्मण द्वार, प्रयागराज मार्ग पर भरत द्वार, अंबेडकरनगर मार्ग पर जटायु द्वार व रायबरेली मार्ग पर गरुण द्वार का निर्माण किया जाना है। इन मार्गाेंं का चौड़ीकरण होगा। इनके आसपास यात्री सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। इन रास्तों से आने वाले श्रद्धालु रामायणकालीन पात्रों के नाम से बने मुख्य गेट से अयोध्या में प्रवेश करेंगे। उन्हें मुख्य द्वार से ही अयोध्या के प्रति आस्था की अनुभूति हो जाएगी।
नींव खोदाई का काम शुरू
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव ने बताया कि सभी प्रवेश द्वार के लिए पांच-पांच एकड़ जमीन अधिग्रहीत की जानी है। अब तक लखनऊ मार्ग पर फिरोजपुर गांव, रायबरेली-अयोध्या मार्ग में सरियावां गांव, अयोध्या-अकबरपुर मार्ग पर राजेपुर गांव के पास प्रवेश द्वार के लिए नींव खोदाई का काम शुरू कर दिया गया है। शेष तीन अन्य द्वारों के लिए 25 फीसदी जमीन अधिग्रहण का काम हो चुका है।
होटल, रेस्टोरेंट, धर्मशाला, चार्जिंग प्वाइंट होंगे विकसित
जहां प्रवेश द्वार बन रहे हैं उनमें से अधिकतर ग्रामीण इलाके हैं। ऐसे में द्वार निर्माण से ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। अयोध्या आने वालों को प्राकृतिक माहौल मिले, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। हाईवे के दोनों तरफ पार्किंग बनाई जाएगी। यहां टॉयलेट से लेकर पेयजल तक के इंतजाम होंगे। होटल, रेस्टोरेंट, धर्मशाला, चार्जिंग प्वाइंट विकसित किया जाएगा।
प्रवेश द्वार की खासियत
- प्रवेश द्वारों में झलकेगी अयोध्या की पौराणिकता
- रामायणकालीन थीम पर आकर्षक होंगे प्रवेश द्वार
- अवध की वास्तुशैली की दिखेगी झलक
- जमीन खरीद के लिए 67 करोड़ का बजट
- जन सुविधाएं विकसित करने के लिए 73 करोड़
- एनएचआई ने बनाया है प्रवेश द्वारों का डिजाइन
- हर प्रवेशद्वार पर होंगे जनसुविधाओं के इंतजाम
- प्रवेश द्वार के पास विकसित होगा ग्रीन एरिया