फैजाबाद-लखनऊ रेल प्रखंड के बड़ागांव स्टेशन पर शुक्रवार सुबह उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब सिग्नल लूप लाइन का था और ट्रेन चली गई मेन लाइन पर। इस घटना से ड्राइवर हड़बड़ा गया और ट्रेन को बड़ागांव स्टेशन पर खड़ाकर सूचना विभागीय अधिकारियों को दी।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। करीब पौने दो घंटे बाद ट्रेन रवाना हुई। सिग्नल देने में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार स्टाफ की पड़ताल की जा रही है। सुबह 54231 अप फैजाबाद-वाराणसी-लखनऊ पैसेंजर फैजाबाद से लखनऊ जा रही थी।
बड़ागांव रेलवे स्टेशन पर आने के लिए ट्रेन ड्राइवर आरके मिश्रा व असिस्टेंट ड्राइवर प्रभात सिंह को लूप लाइन का सिग्नल मिला। गाड़ी लूप लाइन पर न जाकर मेन लाइन पर जाने लगी, जिसे देख ड्राइवर हड़बड़ा गया और ट्रेन को सवा सात बजे बड़ागांव रेलवे स्टेशन लाकर रोक दिया।
ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर सर्वजीत पर आरोप लगाते हुए ट्रेन ड्राइवर ने कहा कि लूप लाइन का सिग्नल देकर मेन लाइन का रूट क्यों बना दिया गया। इस मामले की सूचना पाते ही विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई। मौके पर पहुंचे टीआई, एलआई, व सिग्नल इंस्पेक्टर सहजराम यादव ने जांच शुरू की।
इस दौरान करीब पौने दो घंटे तक वन एफबीएल ट्रेन बड़ागांव स्टेशन पर खड़ी रही। स्टेशन मास्टर सर्वजीत के मुताबिक वन एफबीएल को बड़ागांव स्टेशन पर आने के लिए मेन लाइन बनाई गयी थी और इसी का सिग्नल दिया गया था।
मेन लाइन खाली न होने के कारण दूसरी गाड़ियों को लूप लाइन से निकाला जा रहा था। वहीं सिग्नल इंस्पेक्टर सहजराम यादव ने बताया कि सिग्नल और लाइन दोनों के बारे में जांच की जा रही है। किसकी कहां फाल्ट है, सामने आ जाएगी।