अयोध्या। रामजन्म भूमि के बाद अब संतो और हिंदू संगठनों की दृष्टि काशी और मथुरा की ओर मुड़ गई है। सोमवार को तपस्वी छावनी में महंत परमहंस दास के संयोजन में हिंदु संगठनों ने काशी व मथुरा की मुक्ति का संकल्प दोहराया।
महंत परमहंस दास ने काशी और मथुरा की मुक्ति के लिए आह्वान करते हुए कहा की जिस तरह मुगल आक्रांताओं से राम जन्म भूमि को मुक्त करा लिया गया। वैसे ही काशी और मथुरा को भी मुक्त कराएंगे। सनातन धर्म की की रक्षा के लिए जल्द ही हम काशी और मथुरा कूच करेंगे और काशी मथुरा को जल्द ही मुक्त कराकर हिंदू समाज को गौरवांवित करने का कार्य करेंगे। बाबरी विध्वंस के आरोपी संतोष दुबे ने कहा कि 1992 के दौर का मंजर आंखों के सामने कौंध जाता है, हिंदू वीरों ने जिस अदम्य साहस के साथ राम जन्म भूमि को मुक्त कराया वैसे ही अब काशी और मथुरा की बारी है।
1992 के कारसेवक हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष पांडेय ने कहा कि 500 वर्षों के कालखंड में अधर्मी और विधिर्मियो ने भारतीय संस्कृति और सभ्यता को नष्ट करने का भरपूर कार्य किया था, राममंदिर की मुक्ति के बाद अब काशी व मथुरा की ही बारी है। इस दौरान रामलोचन शास्त्री राजन बाबा,धर्म सेना प्रदेश अध्यक्ष रवि शंकर पांडेय, हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष राकेश मिश्रा, कथा वाचक अंतरिक्ष, चंद्रहास दीक्षित, साध्वी किशोरी प्रिया, आचार्य रविकांत, राघवेंद्र दीक्षित ,कविराज दास, अजय शुक्ला, बाबा भरत दास, नारायण दास सहित अन्य ने भी काशी व मथुरा के संकल्प को दोहराया