सराफा कारोबार में एक्साइज ड्यूटी के खिलाफ व्यापारियों के सोमवार को ‘प्रदेश बंद’ का जिले में मिला-जुला असर रहा। नगर और कस्बों में दोपहर तक दुकानें पूरी तरह बंद रहीं, मगर इसके बाद धीरे-धीरे बाजार व सड़कें गुलजार हो उठीं।
बंदी को लेकर सुबह से ही बाइक जुलूस निकाल व्यापारियों का हुजूम दुकानें बंद कराता रहा। इस दौरान व्यापारियों ने रिकाबगंज में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। नगर में एक्साइज ड्यूटी को लेकर पिछले दो मार्च से सराफा कारोबारी दुकान बंद कर चौक में बेमियादी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
उप्र. उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल के निर्देश पर संगठन से जुड़े व्यापारियों ने सराफा कारोबारियों के समर्थन में सोमवार को ‘फैजाबाद बंद’ का आह्वान किया था। इसे लेकर सुबह से ही सड़कों पर उतर गये।
व्यापारियों का जत्था जहां-तहां खुली चाय, होटल और पान की दुकानों को बंद कराता रहा। जबकि दुकान खोलने आए बड़े कारोबारी व्यापार मंडल के नेताओं का तेवर देख ताला खोलने से परहेज करते दिखे। कमोवेश यही हाल गोसाईगंज, बीकापुर, रुदौली, मिल्कीपुर, हैरिंग्टनगंज, मया, पूरा, हनुमतनगर, तारुन, मवई, अयोध्या आदि में रहा।
फैजाबाद शहर में संगठन से जुड़े व्यापारी मोटर साइकिलों पर सवार होकर सुबह दुकानें बंद कराते रहे। इस दौरान रिकाबंगज में जमकर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार की आलोचना की गई। प्रदेश उपाध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्त, जिलाध्यक्ष अतुल सिंह, नगराध्यक्ष चंद्रप्रकाश गुप्त, नीरज जायसवाल, ज्ञान केसरवानी, युवा मंडल अध्यक्ष दीपू मिश्र, कवींद्र साहनी, आप के पूर्वांचल संयोजक सभाजीत सिंह आदि सराफा एवं रेडीमेड कारोबार पर केंद्र सरकार द्वारा लगाये गये कर को वापस लेने की मांग करते रहे।
लेकिन जिला बंद कराने वाले संगठन उप्र. उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल और सराफा दुकानों के अलावा दूसरी सभी दुकानों के शटर दोपहर बाद खुल गये। आंदोलन में दवा की दुकानों को दो बजे तक ही बंद में शामिल किया गया था, लेकिन 12 बजे से ही दुकानें खुलने लगीं।
सराफा मंडल साकेत के मंडल अध्यक्ष विजय मेहता, नरेश अग्रवाल, आश्विन अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, पंकज पांडेय, अमित अग्रवाल, बालकृष्ण, दीनदयाल, विवेक आदि बंद में शामिल रहे।