अयोध्या। राम की पैड़ी परिसर में स्थित पौराणिक नागेश्वरनाथ मंदिर लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है। वैष्णव नगरी के शिवोपासना के इस प्रमुख केंद्र का बड़ा महात्म्य बताया गया है। जनश्रुति के अनुसार, नागेश्वरनाथ की स्थापना भगवान राम के पुत्र कुश ने की थी।
महाराज कुश ने भगवान शिव से यहां बसने की कामना की। उनकी प्रार्थना पर भगवान शिवलिंग के रूप में स्थापित हुए। महाराज कुश ने भव्य मंदिर का निर्माण कराया। मंदिर के अंदर लव व कुश की प्रतिमा भी स्थापित हैं। सावन शुक्ल पूर्णिमा को उनकी भी जयंती मनाई जाती है। नागेश्वरनाथ के पुजारी आनंद द्विवेदी ने बताया कि यह रामनगरी का पौराणिक सिद्धपीठ है। महाशिवरात्रि, सावन मास में तो आस्था उमड़ती ही है, आम दिनों में भी भक्तों की भीड़ कम नहीं होती। भोलेनाथ अपने भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण करते हैं। संवाद