रिमझिम बारिश के बीच सोमवार को सुबह रीडगंज स्थित आदर्श कन्या प्राथमिक/जूनियर हाईस्कूल के कार्यालय की छत भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि जब छत ढही तब बच्चे व अध्यापक नहीं आए थे, वरना बरामदा व कमरे की छत ढहने से कईयों की जान पर बन आती।
घटना के बाद पुलिस व प्रशासन हरकत में आया है। पड़ताल शुरू कर दी गई है। हालांकि शिक्षा विभाग ने भवन को निष्प्रयोज्य होने की बात कही है, मगर सवाल उठता है कि फिर वहां दफ्तर क्यों चल रहा था? उधर, बीकापुर के मुकीमपुर पहाड़पुर गांव में घर की दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई।
नगर कोतवाली के सामने स्थित कन्या जूनियर हाईस्कूल की जर्जर छत सोमवार सुबह साढ़े सात बजे स्कूल खुलने के आधे घंटे पहले ढही। गनीमत रही कि बच्चे व अध्यापक नहीं आए थे। बताते हैं कि रीडगंज में पहले प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल दोनों दो भवनों में संचालित होते थे लेकिन अब दोनों पास ही एक ही बिल्डिंग में चल रहे हैं।
हादसे के बाद ध्वस्त हुए कमरे की छत व भवन को शिक्षा विभाग करीब 30 साल पहले ही निष्प्रयोज्य घोषित करने की बात कह रहा है। मगर हकीकत में इस भवन के बरामदे व एक कमरे का इस्तेमाल किया जा रहा था। आदर्श कन्या प्राथमिक/जूनियर हाईस्कूल की प्रधानाध्यापक नफीसा खान ने भी इसे स्वीकार किया।
बताया कि जिस भवन की छत ढही है, वह निष्प्रयोज्य था लेकिन कार्यालय के रूप में उसका प्रयोग होता था। कहा कि इसके कमरों में कन्या दीक्षा विद्यालय की अलमारी व अन्य सामान रखे गए हैं। इस स्कूल में एक सहायक शिक्षक मुकेश कुमार भी तैनात हैं।
उधर, बीकापुर तहसील क्षेत्र के मुकीमपुर पहाड़पुर निवासी कुमारी देवी (58) पत्नी छोटेलाल रविवार रात करीब सात बजे घर में खाना बना रही थी। इसी दौरान बारिश के चलते पुरानी जर्जर मिट्टी की दीवार भरभराकर गिर पड़ी। परिवारीजनों ने मिट्टी हटाकर महिला को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
प्रधान प्रतिनिधि विजय गुप्ता ने बताया कि महिला का खपरैल का मकान काफी जर्जर था। उसके दो पुत्र चेतलाल व केशवराम अलग अलग रहते थे। वृद्धा अपने पति के साथ एक कमरे में अलग रहती थी। दीवार गिरने से एक साइकिल, अनाज, बर्तन सहित गृहस्थी का अन्य सामान नष्ट हो गया है।