अयोध्या। विकास प्राधिकरण ने अयोध्या के 135 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का मास्टर प्लान तो पहले ही तैयार कर लिया है। अब अयोध्या, गोंडा और बस्ती के शेष 746 वर्ग किमी. क्षेत्रफल के लिए मास्टर प्लान फेज-टू की सेटेलाइट इमेज भी तैयार हो गई है। एडीए के अफसर इसके लिए तेजी से तैयारी में जुटे हैं। दावा है कि जून माह तक यह मास्टर प्लान भी तैयार हो जाएगा।
इस नए मास्टर प्लान में शहरी क्षेत्र बहुत कम है, इसलिए विकास प्राधिकरण यहां सभी तरह के प्राकृतिक स्रोत को संरक्षित करने का काम करेगा। नदियां, तालाब, नालों से लेकर कुओं और बाग-बगीचों को भी इस प्लान में संरक्षित करने की योजना है।
मास्टर प्लान के फेज वन में सघन आबादी पहले से बसी होने के कारण एडीए के अफसर जो नियोजन नहीं कर पाए थे। उसकी कसर इस प्लान में की जा रही है। इस पूरे क्षेत्र को सेक्टोरल डेवलपमेंट के अनुसार बसाने की तैयारी मास्टर प्लान में नजर आएगी। (संवाद)
गोंडा और बस्ती की ओर बढ़ेगा शहरीकरण
अयोध्या शहर का विकास इस समय रायबरेली रोड, लखनऊ रोड और सुल्तानपुर रोड पर तेजी से हो रहा है। शहर का औद्योगीकरण भी तेजी से हो रहा है। इसलिए नए प्लान में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि शहर की आवासीय जरूरतें इस नए क्षेत्र में हों। नियोजित तरीके से बसने वाले इस बेहतर शहर में लोग ज्यादा बसना चाहेंगे। ऐसे में मास्टर प्लान के जारी होते ही इस ओर विकास तेज होने की उम्मीद है।
यह चीजें होंगी नए मास्टर प्लान में
नए औद्योगिक क्षेत्र, ट्रासंपोर्ट कारीडोर, बाजार, व्यापक पैमाने पर पार्किंग स्पेस, ग्रीन बेल्ट आदि।
गोर्की की मौत से झटका, नए टीपी की मांग
मास्टर प्लान के मास्टर माने जाने वाले प्राधिकरण के नगर नियोजक गोर्की कौशिक की मौत ने मास्टर प्लान की तैयारियों को भी झटका दिया है। वर्ना शायद यह प्लान मई के अंत तक ही तैयार हो जाता। इस काम में तेजी लाने के लिए प्राधिकरण उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने शासन से नए नगर नियोजक की शीघ्र तैनाती की मांग की है।
मास्टर प्लान फेज टू में हमारे पास नियोजन करने का काफी स्पेस है। इसलिए इस क्षेत्र को बहुत सुनियोजित ढंग से बसाया जाएगा। जून तक यह काम पूरा हो जाने की उम्मीद है। सेटेलाइट इमेज आ गई है, राजस्व रिकार्ड से मिलान भी अंतिम चरण में है।
-विशाल सिंह, उपाध्यक्ष, एडीए