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Ayodhya News: तीन दिन पहले ही सॉफ्टवेयर बता देगा बाढ़ का खतरा

Thu, 18 May 2023 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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नितिन मिश्र अयोध्या। रामनगरी में प्रवाहित घाघरा (सरयू) के बैराजों को आधुनिक तकनीक से लैस करने की योजना बन रही है। बैराज के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर डिजाइन करने की तैयारी हो रही है जिससे जलस्तर की 24 घंटे निगरानी हो सकेगी। बाढ़ का पूर्वानुमान तीन दिन पहले से ही हो जाएगा। इससे बाढ़ की स्थिति में समय से रिस्पांस करने में मदद मिलेगी।
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हर साल रामनगरी में बाढ़ से कई गांव डूब जाते हैं। फसलें बर्बाद होती हैं। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होते हैं। अभी पारंपरिक गेज पद्धति से नदियों का जलस्तर पता किया जाता है। जिससे तात्कालिक सूचनाएं नहीं मिल पाती हैं। इससे बाढ़ के खतरे को भांप पाना मुश्किल होता है। बाढ़ की सूचना देने, जलस्तर और डिस्चार्ज की जानकारी के लिए मैनुअल व्यवस्था है, अब पूरा सिस्टम डिजिटलाइज हो जाएगा। इस तकनीक से यह भी पता लगाने में आसानी होगी कि बाढ़ से कितना क्षेत्र डूबेगा। इस योजना के तहत फ्लड मैनेजमेंट इंफाॅरमेशन सिस्टम सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके तहत जगह-जगह सेंसर व अन्य यंत्र लगाए जाएंगे जिसके जरिए जैसे ही नदी का जलस्तर बढ़ने लगेगा, वैसे ही बैराज के गेट बटन दबाते ही खुल जाएंगे। बाढ़ की स्थिति होने पर पानी बैराज तक पहुंचने से एक घंटा पहले ही कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी मिल जाएगी। (संवाद)

राप्ती के बैराजों पर शुरू हो गया काम
शारदा सहायक सर्किल के सहायक अभियंता एसके सिंह ने बताया कि पहले चरण में राप्ती नदी के बैराजों पर सॉफ्टवेयर लगाया जा चुका है। अब दूसरे चरण में घाघरा, यमुना व रामगंगा को भी आधुनिक तकनीक से लैस करने की योजना है।
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इस तरह काम करेगा सिस्टम
बैराजों पर सेंसर लगाए जाएंगे जिसमें एक चिप भी होती है। यह सेंसर ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ा होगा। इस नई प्रणाली में संबंधित विभागीय अधिकारियों के मोबाइल नंबर फीड किए जाएंगे। प्रतिदिन नियमित अंतराल पर नदियों के जलस्तर के घटने व बढ़ने की जानकारी एसएमएस के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को मिलती रहेगी। यह सूचना अधिकारियों को 24 घंटे में दो बार प्राप्त होगी।


आधुनिक सिस्टम से होंगे ये फायदे
- सेंसर से जो डाटा मिलेगा उससे नदियों के वर्षभर के व्यवहार का पता रहेगा
- बाढ़ से कितना क्षेत्रफल डूबेगा यह पता लगाने में होगी आसानी
- नदी और नहर के डिस्चार्ज समेत सभी आंकड़े होंगे डिजिटलाइज
- भविष्य में नदियों का जलस्तर देखते हुए योजना बनाने में मदद मिलेगी
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12 नावों की व्यवस्था की गई
रुदौली (अयोध्या)। नायब तहसीलदार प्रज्ञा सिंह ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाने के लिए 12 नावों की व्यवस्था की गई है। साथ ही बाढ़ पीड़ितों के रहने के लिए तीन स्कूलों में व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बाढ़ क्षेत्र रौनाही तटबंध का आकस्मिक निरीक्षण किया था। मंत्री रौनाही तटबंध के किनारे बसे ग्राम सराय नासिर, पस्तामाफी, बरई, सड़री, पसैया होते हुए खैरी से वापस हो रहे थे। उन्होंने बाढ़ से निपटने की सारी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। संवाद
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