सरयू तट पर मां सरयू की महाआरती उतारते संत।
- फोटो : अमर उजाला
गुरु पूर्णिमा पर्व पर सांध्य बेला में पतित पावनी मां सरयू की भव्य महाआरती व दीपदान किया गया। स्नान घाट पर सरयू पुल के पूरब व पश्चिम घाट पर आरती आयोजन में संत-धर्माचार्य व श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हो मां सरयू की पूजा-अर्चना की।
सरयू पुल के पूरब दिशा में स्थित स्नान घाट पर मां सरयू की नित्य आरती हुई। संत-धर्माचार्यों व भक्तों ने मां सरयू की 1051 बत्ती की महाआरती कर पूजन-अर्चन किया और सरयू में दीपदान किया। इस मौके पर मां सरयू की फूलबंगले की झांकी भी सजाई गई।
आरती कार्यक्रम में जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर, जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य, महंत अनंताचार्य, महंत रामशरण दास, महंत रामकेवल दास, सांसद लल्लू सिंह, मुख्य अर्चक नेत्रजा मिश्र, मंदाकिनी रामकिंकर आदि मौजूद रहे।
सरयू पुल के पश्चिम घाट पर आंजनेय सेवा समिति के तत्वावधान में पर्व पर मां सरयू की फूलबंगले की झांकी सजाई गई। मां सरयू की 2100 बत्ती से महाआरती व दीपदान कर पूजन-अर्चन किया गया। प्रमुख रूप से अधिकारी रामबल्लभाकुंज राजकुमार दास, नाका हनुमानगढ़ी के पुजारी रामदास, महामंडलेश्वर गिरीश दास, महंत शशिकांत दास आदि शामिल रहे।