बाढ़ व कटान के गंभीर होते खतरे से भयभीत ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे हैं। नदी के जलस्तर में माह भर से अधिक समय से हलचल है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक शनिवार को नदी का जलस्तर सुबह नौ बजे से 91.520 मीटर पर स्थिर है। रविवार को जलस्तर 91.900 मीटर पर पहुंच कर स्थिर रहने का अनुमान है।
हालांकि अभी तक जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर को पार नहीं कर सकी हैं लेकिन तीन-चार दिनों से नदी के जलस्तर में रुक-रुक कर हो रही बढ़ोत्तरी व गिरावट से कछार के क्षेत्रों में कटान का खतरा गंभीर हो गया है।
नदी की धारा तेजी से तटीय भूभाग को अपने आगोश में समेट रही हैं। सदर तहसील क्षेत्र के पूरा ब्लॉक के मूड़ाडीहा, मडना माझा, सलेमपुर, पिपारी संग्रम, उरदहवा आदि नदी से सटे गांवों के ग्रामीण कटान के बढ़ते जा रहे खतरे से भयभीत हैं।
मूड़ाडीहा सहित अन्य गांवों के ज्यादातर ग्रामीण गांव छोड़ अयोध्या-बिल्वहरिघाट बंधे व उपरहार के क्षेत्रों में खुले आसमान के नीचे बसेरा बना लिया है।