अयोध्या। सरयू नदी शनिवार को चेतावनी निशान पार कर दिया। नदी का पानी उफान पर है। अब नदी खतरे के निशान को पार करने के लिए आतुर दिख रही है।
सरयू खतरे के निशान 92.73 मीटर से महज 71 सेमी. दूर है। इससे मांझा क्षेत्र तथा तटवर्ती इलाकों में रहने वाली आबादी पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। लोग पलायन को मजबूर हैं। इस बीच प्रशासन ने तहसील स्तरीय सभी कर्मचारियों को सतर्क कर दिया है।
सरयू नदी के जलस्तर में कई दिनों से उतार-चढ़ाव का दौर चला आ रहा है। नदी का पानी अभी खतरे के निशान तक नहीं पहुंचा है लेकिन उफान चरम पर है।
विगत दो दिनों से सरयू के जलस्तर में प्रतिघंटे दो से तीन सेमी. की हो रही वृद्धि का परिणाम रहा कि शनिवार सुबह सरयू चेतावनी निशान 91.73 मीटर को पार कर अब तेजी से लाल निशान 92.73 मीटर की ओर बढ़ रही है।
जलस्तर शनिवार शाम 5 बजे 92.20 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो कि लाल निशान से महज 71 सेमी. दूर है। इसे देखते हुए तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
केंद्रीय जल आयोग के अभियंता संजय कुशवाहा ने बताया कि पहाड़ी एवं मैदानी इलाकों में हो रही भारी बारिश के चलते सरयू के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है।
बताया कि पिछले 24 घंटे में सरयू के जलस्तर में 32 सेमी की वृद्धि हुई है। प्रतिघंटे 1 सेमी. की रफ्तार से बढ़ रही सरयू के जलस्तर में वृद्धि अभी जारी रहेगी।
वहीं सरयू में उफान के चलते कछारीय इलाकों में हलचल बढ़ गई है। सोहावल प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के मांझा कला, रामनगर आदि बाढ़ प्रभावित गांवों में भी पलायन शुरू हो चुका है।
तहसीलदार वीरेंद्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र में अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
वहीं पूराबाजार प्रतिनिधि के अनुसार बाढ़ प्रभावित इलाकों में भी बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों को तैनात किया जा चुका है। मूड़ाडीहा के ग्राम प्रधान तेजबहादुर निषाद ने बताया कि अभी बाढ़ की स्थिति सामान्य है।
मूड़ाडीहा, पिपरी संग्राम,धनी का पुरवा, मांझा सलेमपुर में स्थिति सामान्य है। बाढ़ चौकी राजा दशरथ समाधि स्थल को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
रुदौली में बनाए गए चार बाढ़ कैंप
रुदौली तहसील में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लेने लगे हैं। यहां चार बाढ़ कैंप बनाए गए हैं। जिसमें प्रत्येक केंद्र पर स्वास्थ्य, राजस्व व पशु विभाग के कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
राजस्व निरीक्षक व क्षेत्रीय लेखपाल भी कैंप कर रहे हैं। रुदौली तहसीलदार शिवप्रसाद ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में राजस्व टीम स्थिति पर नजर रख रही है, प्रतिदिन निरीक्षण कर स्थिति देखी जा रही है अभी बाढ़ का खतरा नहीं है।