सरयू नदी में आई बाढ़ के पानी से कछार के क्षेत्रों में एक बार फिर से हलचल है। मंगलवार को चार सेंटीमीटर उछाल के साथ जलस्तर खतरे के निशान से सात सेंमी. ऊपर रिकॉर्ड किया गया है। हालांकि बुधवार को सरयू का जलस्तर स्थिर होने की संभावना है।
सप्ताह भर पूर्व तक सरयू में आई बाढ़ कम होने के आसार दिख रहे थे। रविवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से नीचे आ गया था लेकिन सोमवार से नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जाने लगी।
केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय सहायक शिवशंकर सिंह बताया कि मंगलवार को जलस्तर 92.800 मीटर पर पहुंच गया। गत दो दिनों में सरयू का जलस्तर सात सेंमी. बढ़ा है। सरयू में अब तक हो रही गिरावट के बाद बढ़ोतरी शुरू होने से सरयू से सटे इलाकों में कटान और तेज हो गई है।
शहर के गुप्तारघाट के तटीय मीरनघाट, निर्मली कुंड, परिक्रमा मार्ग आदि क्षेत्रों को छूकर निकल रही सरयू के पानी से कटान बढ़ने लगी है। नदी में बाढ़ का पानी एक बार फिर बढ़ने से सदर तहसील के पूरा व मया ब्लॉक क्षेत्र के मूड़ाडीहा, पिपरी संग्राम, पूरे चेतन, उरदहवा, बाबा का पुरवा, मड़ना मांझा जैसे गांवों के मुहाने पर नदी का पानी घुसने लगा है।
रुदौली तहसील के तटीय क्षेत्र मंहगू का पुरवा, नूरगंज में कटान तेज हो गई है। एडीएम वित्त व राजस्व जयशंकर त्रिपाठी का कहना है कि प्रशासन कछार के गांवों के प्रति पूरी तरह से संवेदनशील है। राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में दौरा कर रही हैं।