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Ayodhya News: अब सरयू में नहीं गिरेगा 15 नालों का प्रदूषित पानी

Thu, 10 Aug 2023 12:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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अयोध्या। रामनगरी की पौराणिकता की गवाह पावन सलिला सरयू जल्द ही प्रदूषण मुक्त हो जाएगी। राममंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या की पुरातन पहचान को सहेजने के क्रम में ही सरयू को प्रदूषण मुक्त बनाने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। इसके लिए मांझा जमथरा में 221 करोड़ से 33 एमएलडी का जल शोधन संयंत्र यानी कि एसटीपी का निर्माण कार्य चल रहा है। यह दिसंबर 2024 तक पूरा हो जाएगा।
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221.66 करोड़ रुपये की लागत से सरयू में सीधे गिरने वाले शहर के और 15 छोटे-बड़े नालों को टैप किया जाना है। जल निगम ने अपने सर्वे में पाया था कि 15 ऐसे नाले हैं, जो सीधे सरयू में गिरते हैं। कुछ नालों का पानी सीधे तो कुछ का पानी जलस्तर बढ़ जाने के बाद सरयू को प्रदूषित करता है। जल निगम की योजना के अनुसार, सभी नालों को सरयू के किनारे ही टैप किया जाएगा और पंपिंग स्टेशन बनाकर पाइप लाइन के माध्यम से एसटीपी को भेजा जाएगा। इसके लिए 33 एमएलडी क्षमता की एसटीपी लगाने का काम सरयू नदी के अपस्ट्रीम में मांझा जमथरा के गाटा संख्या-57 पर तेजी से चल रहा है। यहीं से गंदे नालों का पानी शोधित होकर सीधे सरयू में प्रवाहित किया जाएगा।
नगर आयुक्त विशाल सिंह ने बताया कि दिसंबर-2024 तक सरयू को पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त करने की योजना है। सरयू में गिरने वाले शहर के सभी छोटे-बड़े नालों को टैप कराने का काम तेजी से चल रहा है।
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एनजीटी ने की थी 20 नालों की पहचान

बताते चलें कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की ओर से सरयू को प्रदूषित करने वाले छोटे-बड़े कुल 20 नालों की पहचान की गई थी। पहले चरण में सरयू के घाटों के आसपास मौजूद पांच नालों को टैप किया गया। इस योजना में कुल 16 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इन नालों को राजघाट के निकट टैप किया गया। यहां एक पंपिंग स्टेशन की भी स्थापना की गई।

शहर में निकलता 40 एमएलडी दूषित जल
बतातें चलें कि शहर में करीब 40 मिलियन लीटर प्रदूषित जल निकलता है, इनमें से 90 फीसदी जल सरयू में समाहित होता है। अभी तक शहर में 12 लीटर पानी के शोधन का संयंत्र लगा है, शेष 28 मिलियन लीटर प्रदूषित पानी सरयू में ही समा रहा है, जिससे सरयू प्रदूषित हो रही है। 33 एमएलडी का प्लांट लगने के बाद शहर के प्रदूषित पानी को सरयू में गिरने से रोका जा सकेगा।

मृत मवेशियों के शव फेंकने पर लगे रोक
सरयू में मृत मवेशियों का शव फेंकने पर रोक लगाए जाने की मांग गोसेवक रितेश दास व कविराज दास ने की है। रितेश दास बताते हैं कि हर रोज करीब 30 से 40 शव मृत मवेशियों के सरयू में फेंके जाते हैं। इन पर रोक लगनी चाहिए, इससे भी सरयू प्रदूषित होती है। गोसेवक कविराज दास ने बताया कि जिला प्रशासन ने इस पर रोक लगाने के लिए लिखित मांग भी की गयी है।
सरयू में गिर रहे ये 15 नाले
1-रेतिया नाला 2-ककराही नाला 3-अफीम कोठी 4-खुर्दाबाद-ए 5-खुर्दाबाद-बी 6-बहादुरगंज-ए 7-बहादुरगंज-बी 8-पटानटोलिया-ए 9-पठानटोलिया-बी 10-पठानटोलिया-सी 11-पठानटोलिया-डी 12-मेहताबबाग-ए 13-मेहताबबाग-बी, 14- मेहताबबाग-सी 15- मांझागांव।
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