उफनाई सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। लाल निशान से 21 सेंटीमीटर ऊपर बह रही नदी में आई बाढ़ के पानी से कछार के क्षेत्रों में पानी घुसने से हलचल बढ़ गई है। नदी के जलस्तर की रफ्तार में उतार-चढ़ाव से तटीय क्षेत्रों के साथ अयोध्या-बिल्वहरिघाट व चिर्राखजुरी बंधे पर कारण कटान का खतरा भी गंभीर हो गया है।
एसडीएम सदर ने राजस्व टीम के साथ प्रभावित इलाकों का भ्रमण कर जायजा लिया और लेखपालों को प्रभावित इलाकों में कैंप करने के निर्देश दिए हैं। पहाड़ों पर हो रही बारिश से सरयू में आई बाढ़ का असर दिखने लगा है।
मंगलवार को खतरे के निशान 92.730 मीटर को पार करने के बाद नदी का जलस्तर बुधवार को दोपहर 12 बजे 92.940 मीटर पर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के अवर अभियंता विनय कुशवाहा के अनुसार मंगलवार से तेजी से बढ़ रहा जलस्तर बुधवार की शाम चार बजे लाल निशान से 23 सेमी ऊपर 92.960 मीटर पर पहुंच गया है।
जलस्तर प्रतिघंटे पांच सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा है। गुरुवार को जलस्तर 93.050 मीटर पर पहुंचने की आशंका है। दो दिनों से जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोत्तरी में की रफ्तार में उतार-चढाव होने से सरयू से सटे इलाकों में कटान का खतरा गंभीर होने लगा है।
माना जा रहा है कि नदी के जलस्तर में यदि गिरावट शुरू होगी तो कटान भी तेजी से बढ़ेगी। गुप्तारघाट के तटीय मीरनघाट, निर्मली कुंड, परिक्रमा मार्ग आदि क्षेत्रों को छूकर निकल रही सरयू नदी के पानी से कटान बढ़ने लगी है। लोग घरों के सामानों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं।
बाढ़ के पानी से सदर तहसील के पूरा व मया ब्लाक क्षेत्र के मूडाडीहा, सलेमपुर, पिपरी संग्राम, सैवरहवा, अव्वलकिता, धनी का पुरवा, गिलन्ट, माझा राम पुर पुवारी, मडना माझा, काजी पुर माझा में बसे लोगों की धड़कने बढ़ गईं हैं।
मूड़ाडीहा, पिपरी संग्राम, पूरे चेतन, उरदहवा, बाबा का पुरवा, मड़ना मांझा, बलुइया व काजीपुर मांझा जैसे गांवों के मुहाने पर नदी का पानी घुस गया है लेकिन आबादी के इलाके के करीब पहुंच रहे पानी से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी में हैं।
प्रभावित गांवों में जानवरों के लिए चारे का संकट खड़ा होने लगा है। ग्रामीण जानवरों के लिए चारा पानी में घुसकर ला रहे हैं। उरदहवा निवासी श्रीराम यादव ने बताया चारे की समस्या हो गई है। खेतों में जानवरों का चारा पानी में डूब गया है अब उसके सड़ने का खतरा भी है।