तीन दिनों से सरयू में रुक-रुक कर हो रही गिरावट के बाद नदी के जलस्तर में फिर से वृद्धि शुरू हो गई है। रविवार को लाल निशान से नीचे गया जलस्तर सोमवार को ऊपर होने के साथ तीन सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है।
नदी में आई बाढ़ से कछार के क्षेत्रों में एक बार फिर से पानी घुसने से हलचल बढ़ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने व थमने से तटीय क्षेत्रों की आबादी व खेती की भूमि को तेजी से अपने आगोश में ले रही हैं।
सप्ताह भर पूर्व तक सरयू में आई बाढ़ कम होने के आसार दिख रहे थे। रविवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से नीचे आ गया था लेकिन रात से ही जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जाने लगी।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, सोमवार से तेजी से बढ़ रहा जलस्तर सुबह लगभग 11 बजे लाल निशान को पार कर गया। शाम पांच बजे नदी का जलस्तर 92.760 मीटर दर्ज किया गया है। मंगलवार को जलस्तर 92.900 मीटर पर पहुंचने की संभावना है।
सरयू में अब तक हो रही गिरावट के बाद बढ़ोतरी शुरू होने से नदी से सटे इलाकों में कटान और तेज हो गई है। शहर के गुप्तारघाट के तटीय मीरनघाट, निर्मली कुंड, परिक्रमा मार्ग आदि क्षेत्रों को छूकर निकल रही सरयू के पानी से कटान बढ़ने लगी है।
नदी में बाढ़ का पानी एक बार फिर बढ़ने से सदर तहसील के पूरा व मया ब्लॉक क्षेत्र के मूड़ाडीहा, पिपरी संग्राम, पूरे चेतन, उरदहवा, बाबा का पुरवा, मड़ना मांझा, बलुइया व काजीपुर मांझा जैसे गांवों के मुहाने पर नदी का पानी घुस ने लगा है।
रुदौली तहसील के तटीय क्षेत्र मंहगू का पुरवा, नूरगंज में कटान तेज हो गई है। एडीएम वित्त व राजस्व जयशंकर त्रिपाठी का कहना है कि नदी में जलस्तर घट-बढ़ रहा है। प्रशासन नजर रख रहा है। राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में दौरा कर रही हैं।