अयोध्या। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश व बैराजों से छोड़े गए पानी के चलते उफनाई सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। 48 घंटे में सरयू का जलस्तर 173 सेमी. बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने से श्मशान घाट भी जलमग्न हो गया है। बुधवार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 90.73 मीटर रिकॉर्ड किया गया है, जो कि चेतावनी बिंदुु 91.73 मीटर से महज एक मीटर दूर है।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, सरयू के जलस्तर में प्रति घंटे दो सेमी. की रफ्तार से वृद्धि दर्ज की जा रही है। पर्वतीय इलाकों में बारिश के कारण लखीमपुर, गिरिजा बैराज खोल दिया गया है, जिससे जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रामनगरी का श्मशान घाट बुधवार को जलमग्न गया। समाजसेवी रितेश दास ने बताया कि बैकुंठ धाम में दाह संस्कार को लेकर लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां दाह संस्कार के लिए रखी लकड़ियां भी पानी में डूब गई हैं। बताया कि रामाय सेवा ट्रस्ट द्वारा निशुल्क लकड़ी बैैंक चलाया जाता है जहां से गरीब और लावारिस लाशों के अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां उपलब्ध कराई जाती हैं। वहीं घाट पर करीब 10 लकड़ी व्यवसायी भी हैँ जो लकड़ी बेचते हैं। पानी बढ़ने के कारण किसी को कोई मौका नहीं मिला और करीब एक लाख की लकड़ियां सरयू में बह गयी हैं।
यही नहीं जलस्तर बढ़ने से सरयू घाट पर स्थापित पंडा समाज की चौकियां भी डूब गयी हैं। वहीं तटीय इलाकों में फल व सब्जियों की खेती कर रहे किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर फसल पानी में समा गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सरयू के जलस्तर में वृद्धि का क्रम अभी जारी रहेगा।