अयोध्या। सपा की पूर्व एमएलसी लीलावती कुशवाहा और उनकी पुत्रियों अलका कुशवाहा व आस्था कुशवाहा के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना करने का आदेश थाना अध्यक्ष कैंट को दिया गया है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट राकेश कुमार की अदालत से हुआ है।
अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार जायसवाल ने बताया कि घटना 30 जून 2023 की दोपहर 12 बजे की है। आरोप है कि लीलावती कुशवाहा और उनकी दोनों पुत्रियां लाठी-डंडा व लोहे की राॅड लेकर पीड़िता वैष्णवी निवासिनी लाला का पुरवा गद्दोपुर थाना कैंट की पुश्तैनी जमीन पर अवैध निर्माण करने लगे। मौके पर जब वैष्णवी के पिता राम अवतार रोकने लगे तो तीनों लोगों ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और जानलेवा हमला कर दिया। वह अपनी जान बचाने के लिए घर के अंदर भागे तो सभी ने घर के अंदर घुसकर उन्हें पीटा और घर का सामान तोड़ दिया। राम अवतार को बचाने अभिषेक कुमार व रूबी मौके पर पहुंचे।
इसके पूर्व अलका कुशवाहा ने राम अवतार, रिंकू, श्यामा देवी के खिलाफ जानलेवा हमला, लूट व मारपीट के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। वैष्णवी की तहरीर पर केस नहीं दर्ज हुआ था। इसलिए उसने कोर्ट में अर्जी दी थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार विवेचना कराए जाने का आदेश दिया है।