नवसंवत्सर विक्रमी संवत के शुभारंभ की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को रामनगरी के संत-धर्माचार्यों ने रामकोट की परिक्रमा की। वैदिक मंत्रोच्चारों के मध्य मतगजेंद्र बाबा का पूजन कर संत-धर्माचार्यों ने जयश्रीराम के उद्घोष के बीच रामकोट क्षेत्र की परिक्रमा शुरू की तो श्रद्धा का चरमोत्कर्ष दिखा। रथ पर सवार भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, गणेश, हनुमान जी के स्वरूप भक्तों के आकर्षण का केंद्र बने।
इससे पूर्व विक्रमादित्य महोत्सव समिति के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रीराम मंदिर निर्माण के साथ राष्ट्र को राममय बनाने का संकल्प लिया गया। मातगैड़ मंदिर पर हुई सभा में श्रीरामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य महंत कमलनयन दास ने कहा कि रामकोट की परिक्रमा का संदेश पूरे राष्ट्र को जाना चाहिए।
पूर्व सांसद डॉ.रामविलास दास वेदांती ने कहा कि 2019 के चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी के फिर प्रधानमंत्री बनते ही अयोध्या में भव्य श्रीराममंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा, ऐसा हम सबका विश्वास है। राममंदिर के लिए अशोक सिंहल ने जो आंदोलन शुरू किया था। जो स्वप्न देखा था उस स्वप्न को साकार करने के लिए संत-धर्माचार्यों को विशाल एवं विराट रूप धारण करना होगा।
कहा कि जो राम का है वही हमारा है। अधिकारी श्रीरामबल्लभाकुंज राजकुमार दास ने कहा कि नव संवत्सर महोत्सव को उत्सव के रूप में मनाने की जरूरत है, हम इसे और भव्यता प्रदान करने के लिए कृत संकल्पित हैं।
रामकोट की परिक्रमा में शामिल भगवान के स्वरूपों का जगह-जगह स्वागत भी किया गया। बिड़ला धर्मशाला के सामने नाका हनुमानढ़ी के महंत रामदास, बिड़ला धर्मशाला के प्रबंधक पवन सिंह आदि ने भगवान के स्वरूपों की आरती उतारी एवं पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। परिक्रमा विभिन्न मार्गों से होते हुए मतगजेंद्र पर आकर समाप्त हुई।
परिक्रमा में पूर्व सांसद विनय कटियार, अयोध्या नगर निगम के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, रामजन्मभूमि मामले के पक्षकार महंत धर्मदास, ज.गु.विश्वेशप्रपन्नाचार्य, महंत रामशरण दास, महंत रामशरण दास रामायणी, महंत राममंगल दास रामायणी, महंत मैथिलीरमण शरण, महंत बृजमोहन दास, महंत शशिकांतदास, महंत अर्जुन दास, महंत डॉ.राघवेशदास वेदांती, गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड के मुख्यग्रंथी ज्ञानी गुरुजीत सिंह, डॉ. सुनीता शास्त्री सहित अन्य संत-धर्माचार्य एवं भक्त मौजूद रहे।
रामकोट की परिक्रमा से पूर्व राज्यसभा सांसद विनय कटियार ने कहा कि अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण में देरी हो रही है। कहीं न कहीं एक और आंदोलन की जरूरत है। कहा कि रामकोट भगवान राम का ही स्थान है। इसलिए रामकोट की परिक्रमा, राममंदिर की ही परिक्रमा है और इस परिक्रमा को कोई रोक नहीं सकता है, यह निरंतर चलती रहेगी। बोले कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के अतिरिक्त कुछ भी स्वीकार नहीं होगा।