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नियम ताक पर रख जिला पंचायत ने कराए करोड़ों के टेंडर

Fri, 07 Aug 2015 11:40 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
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जिला पंचायत से नियमों को ताक पर रखकर टेंडर कराने का मामला सामने आया है। पंचायत प्रशासन ने बगैर धन आए ही राज्य वित्त के आठ करोड़ चालीस लाख रुपये का टेंडर प्रकाशित करा दिया। आरोप है कि न तो सदन में इस पर चर्चा कराई गई और न ही नियम के तहत चयन किया गया।
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कुछ खास लोगों और प्रापर्टी डीलरों को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर में कार्य प्रस्तावित कर दिए गए। इसकी शिकायत जिला पंचायत सदस्य गीता वर्मा ने मुख्य विकास अधिकारी से की। उन्होंने मांग की है कि इसे निरस्त कर नियमों के तहत टेंडर प्रकाशित कराए जाएं।

जिला पंचायत प्रशासन ने पिछली 11 अगस्त को 178 परियोजनाओं के लिए टेंडर निकाला, जबकि राज्य वित्त से अब तक इसके लिए पैसा नहीं आया है। टेंडर में नियमों की धज्जियां उड़ाने का आरोप है। कहा गया है कि जिला पंचायत से वही कार्य कराए जाएंगे जो दो या दो से अधिक क्षेत्र पंचायतों को जोड़ता हो।
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राज्य वित्त और तेरहवें वित्त के कार्यों को सामान्य बैठक में चर्चा के बाद चयन और प्रस्ताव पारित नहीं कराया गया। जिला पंचायत की जनवरी से बैठक नहीं कराई गई। निर्माण समिति नियोजन शून्य हो गई। बीते 12 जून को कराए गए राज्य व तेरहवें वित्त के टेंडर पर धन उपलब्ध होने के बाद भी काम नहीं शुरू कराया गया।

आरोप है कि ठेकेदारों से पांच फीसदी एडवांस न देने के कारण शासन से कार्य की स्वीकृति लेकर टेंडर बांड नहीं बनाया गया। जिला पंचायत सदस्य ने कहा है कि यह टेंडर प्रापर्टी डीलरों को लाभ पहुंचाने के लिए निकाला गया है। उन्होंने कहा कि जो परियोजनाएं राज्य वित्त में शामिल की गई हैं, उन्हें ही तेरहवें वित्त में शामिल किया गया है।

जिला पंचायत की कार्ययोजना के बाहर की सड़कों को जोड़कर किसी को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। आरोप लगाया कि ज्यादातर परियोजनाएं जिला पंचायत अध्यक्ष के क्षेत्र रुदौली में ही दी गई हैं।
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