अयोध्या। उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020 को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की मंजूरी मिलने और कानून बन जाने पर विहिप सहित साधु-संतों ने स्वागत किया है।
संतों ने कहा कि लव जेहाद की आड़ में हो रहे धर्मांतरण पर कानून बनने से रोक लगेगी। हिंदुओं को समाप्त करने का षड़यंत्र कर रहीं शक्तियां भी अब पराजित होंगी।
मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहा पहले षड़यंत्र पूर्वक भारत को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बनाया गया और अब मुस्लिम राष्ट्र बनाने की योजना को धीरे-धीरे धीरे मूर्त रूप दिया जा रहा है।
संपूर्ण राष्ट्र को खंड-खंड करने का स्वप्न देखा जा रहा। उन्होंने कहा कि गनीमत है देश में मोदी और राज्य में योगी सरकार है। अन्यथा स्थिति भयावह होती। लव-जिहाद पर प्रदेश सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश का हर राष्ट्रवादी स्वागत करता है।
अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष और केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के सदस्य महंत कन्हैया दास ने कहा कि लव-जिहाद पर लाए गये कानून का पूरी शक्ति से पालन होना चाहिए।
प्रदेश सरकार अपने कर्तव्य और लक्ष्य के प्रति सजग है, यह कानून धर्मनिरपेक्षता की आड़ में किये जा रहे धर्मांतरण के षड़यंत्र पर विराम लगाने में सफल होगा। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के पुजारी और पार्षद रमेश दास ने कहा कि योगी सरकार का अध्यादेश समाज को सुरक्षित-संरक्षित करने वाला है। धर्मांतरण एक गंभीर समस्या है और लव जिहाद उसको ऑक्सीजन प्रदान करता रहा है।
हिंदू बहन-बेटियों को लव जिहाद के द्वारा जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा था, उस पर उत्तर प्रदेश सरकार ने नकेल कसने का कदम उठाया है। राम धाम मंदिर के पीठाधीश्वर और महामंडलेश्वर प्रेम शंकर दास ने कहा कि योगी सरकार ने जिस प्रकार से उत्तर प्रदेश को सुरक्षित किया है उसके लिए साधु-संत ही नहीं संपूर्ण राज्य की जनता आभारी है।
विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि धर्मांतरण से राष्ट्रातंरण का खतरा सदैव बना रहा है। संपूर्ण देश में व्यापक षड्यंत्र समय-समय पर होता रहा है। अन्य प्रदेशों में भी इस प्रकार के अध्यादेश लाकर लव जिहादियों पर नकेल और समाज को सुरक्षित करने का संकल्प होना चाहिए।