नगर पालिका बोर्ड बैठक में शुक्रवार को सभासदों ने जमकर हंगामा किया। एक माह से बैठक बुलाने की मांग कर रहे सभासद रमजान को लेकर बुलाई गई आपात बैठक को लेकर आक्रोशित थे।
छह जून से शुरू होने वाले रमजान को शुक्रवार को पालिका सभागार में आपात बैठक बुलाई गई तो सभासद अजीम खान, राम किसान निषाद, मलिक अंसार ने सामान्य बैठक न बुलाए जाने को लेकर हंगामा किया।
सभासदों ने 16 मई को सामान्य सदन की बैठक बुलाने की मांग की थी। 30 मई को पुन: सभासदों ने बोर्ड बैठक बुलाने की मांग की थी। इसमें ठेके के सफाई कर्मियों के 30 मई से काम बंद करने और ठेकेदार से अनुबंध न होने को लेकर सभासदों ने नाराजगी जताई।
बैठक में तीन दिन बाद रमजान शुरू होने पर शहर में सफाई व्यवस्था सही कराने को लेकर आम राय रही। ईओ ने बताया कि पालिका में ठेके से कर्मचारी न लेकर राष्ट्रीय आजीविका मिशन से कर्मचारी लिए जाएंगे।
रमजान से पहले मिशन से 25 सफाई कर्मी, 20 नाला सफाई कर्मी, तीन कंप्यूटर आपरेटर्स, तीन बिजली मिस्त्री और तीन सीढ़ी मजदूर लेने पर आम सहमति रही। सभासदों ने इस पर सहमति जताई।
पालिका अध्यक्ष अशोक कसौधन ने बैठक में हंगामे के दौरान कहा कि ईओ दिए गए निर्देशों का पालन समय से नहीं करते साथ ही तालमेल का अभाव रहता है। रोजे के दिनों में जलापूर्ति बढ़ाने को लेकर सहमति जताई गई।
ईओ श्यामेन्द्र चौधरी ने बताया कि बैठक रमजान में सफाई व्यवस्था को लेकर बुलाई गई थी। जिसमें सफाई उपकरण खरीदने और ठेके के कर्मचारियों के भुगतान पर भी निर्णय लिया गया।