अयोध्या में शनिवार को रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे जवानों की भीड़ को अमावां मंदिर के पास समझाते अफसर।
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चुनाव ड्यूटी में जा रहे पैरामिलेट्री के जवानों ने शनिवार को विवादित परिसर में विराजमान रामलला के दर्शन को लेकर जमकर हंगामा किया। अमावां मंदिर बैरियर पर तैनात सुरक्षाकर्मियों से धक्का-मुक्की कर बगैर जांच आगे बढ़ गए। सूचना पर परिसर में हलचल मच गई।
आनन-फानन में परिसर में तैनात सीआरपीएफ की क्यूआरटी व रामलला के कमांडो टीम के साथ पहुंचे अफसरों ने कमान संभाली। लगभग घंटे भर से अधिक समय से चला हंगामा जवानों को समझाने-बुझाने के बाद शांत हुआ। इस दौरान आम श्रद्धालु परेशान रहे।
रामलला के दर्शन के लिए शनिवार को दूसरी बेला लगभग एक बजे अमावा बैरियर पर चुनाव ड्यूटी में जा रहे पैरामिलेट्री के जवानों की भीड़ जुटने लगी। दर्शन शुरू होने से पूर्व बैरियर पर सैंकड़ों की संख्या में जवान जमा हो गए। बैरियर पर तैनात सुरक्षाकर्मी से जांच के बाद दर्शन के लिए जाने को लेकर जवानों ने हंगामा शुरू कर दिया।
सुरक्षाकर्मियों से धक्का-मुक्की कर जवानों की भीड़ आगे बढ़ी तो परिसर में लगे सभी वायरलेस घनघनाने लगे। परिसर में तैनात आरएमओ (कंट्रोल रूम प्रभारी) अर्जुन दुबे से भी जवानों ने धक्का-मुक्की की। हंगामे से परिसर में हलचल मची तो आनन-फानन में परिसर में तैनात सीआरपीएफ की एक प्लाटून क्यूआरटी टीम व रामलला की सुरक्षा में तैनात कमांडो टीम को लेकर सीओ परिसर अरुण कुमार, एएसपी सीआरपीएफ विनोद राव ने आकर मोर्चाबंदी की।
सुरक्षाकर्मियों को समझा-बुझाकर रंगमहल दूसरे चेकिंग बैरियर से जवानों की जामा तलाशी के बाद दर्शन के लिए प्रवेश की अनुमति दी। लगभग दो घंटे से अधिक समय तक चली अफरातफरी में देश के कोने-कोने से आए आम श्रद्धालुओं खासकर महिलाओं को दर्शन के लिए रोक दिया गया। श्रद्धालु परेशान हुए। स्थिति सामान्य होने के बाद अलग लाइन लगाकर आम श्रद्धालुओं को दर्शन कराया गया।