- प्रमुख मंदिरों तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को करनी पड़ेगी कड़ी मशक्कत
- आज से शुरू हो रहा सावन मेला, रामनगरी में उमड़े हजारों श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
अयोध्या। रामनगरी का ऐतिहासिक सावन मेला शनिवार से शुरू हो रहा है। मेले में 15 से 20 लाख श्रद्धालु आते हैं। मेले की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को हजारों श्रद्धालु अयोध्या पहुंच चुके हैं, लेकिन उन्हें मठ-मंदिरों तक पहुंचने में कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वजह यह है कि रामपथ निर्माण की कार्यदायी संस्था ने कई प्रमुख रास्तों को बड़ी-बड़ी पाइप डालकर बंद कर दिया है, जिससे स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश है।
रामनगरी में हो रहे विकास कार्यों की सुस्त गति अब परेशानी का सबब बन गयी है। सबसे ज्यादा दिक्कत अनियोजित ढंग से हो रहे रामपथ निर्माण के चलते है। शुक्रवार को मुख्य मार्ग से राजसदन जाने वाले मार्ग, सब्जी मंडी मार्ग, कोतवाली से राजसदन जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया गया। इसके अलावा प्रमोदवन जाने वाले मार्ग, देवकाली मंदिर का मार्ग, तुलसी उद्यान मार्ग पर बड़ी-बड़ी पाइप डालकर बंद कर दिया गया है। जिससे स्थानीय लोगों को तो आवागमन में परेशानी का सामना करना ही पड़ रहा है, अयोध्या आने वाले श्रद्धालु भी मठ-मंदिरों तक पहुंचने के लिए जूझ रहे हैं। इसी तह नजरबाग व हरिद्वारी बाजार जाने वाला मार्ग निर्माण कार्य के चलते पहले से ही बंद है।
इन रास्तों को बिना किसी सूचना के बंद किए जाने से छोटी देवकाली मंदिर, श्रीरामबल्लभाकुुंज, अशफी भवन, मणिरामदास की छावनी जाने में श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। मुख्य मार्ग की हालत तो पहले से ही बदतर है। मुख्यमार्ग पर कीचड़, जलभराव के चलते आवागमन पहले से ही दुश्वार है। गुरूधाम आश्रम के व्यवस्थापक गदाधर ने कहा कि अनियोजित ढंग से हो रहा विकास कार्य समस्या का कारण बन गया है। अब तो आश्रम से निकलना मुश्लिक हो गया है, रास्ता बंद किए जाने से आश्रम तक भक्तों को आने में परेशानी हो रही है। व्यापारी नंदकुमार गुप्ता ने कहा कि श्रद्धालुओं को हनुमानगढ़ी, कनकभवन, दशरथ महल मंदिर तक जाने के लिए लंबी दूरी तय करना पड़ रहा है। इस संबंध में महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि प्रशासन से बात कर बंद किए गए रास्तों को खोलवाया जाएगा।