अयोध्या। पहाड़ों पर हो रही बारिश से उफनाई सरयू ने शनिवार को एक बार फिर लाल निशान पार कर लिया। पिछले एक सप्ताह से सरयू के उफान में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। इससे पूर्व बुधवार को सरयू ने लाल निशान पार किया था, गुरुवार व शुक्रवार को सरयू के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गयी, जबकि शनिवार को एक बार फिर पहाड़ों में भारी बारिश के चलते उफनाई सरयू ने लाल निशान पार कर लिया है।
शनिवार शाम सरयू का जलस्तर 92.75 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो कि लाल निशान 92.73 मीटर से दो सेमी. ऊपर है। सरयू में उफान से तटवर्ती इलाकों में एक बार फिर हलचल बढ़ गयी है। कटान के चलते लोग पलायन को विवश हैं।
शुक्रवार को दिनभर सरयू के जलस्तर में वृद्घि का क्रम थमा रहा। शुक्रवार शाम सरयू 92.68 मीटर पर ठहर गयी थी। शनिवार सुबह से ही सरयू के जलस्तर में पुन: वृद्घि शुरू हो गई। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक प्रतिघंटे एक सेमी. की रफ्तार से सरयू के जलस्तर में वृद्घि हो रही है। शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.75 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो कि लाल निशान 2 सेमी. ऊपर है।
वहीं, लाल निशान पार करते ही नदी सदर, सोहावल, रुदौली तहसील के कछार के बड़े भूभाग को अपने आगोश में समेटने लगी है। बाढ़ के बढ़ते पानी से भयभीत परिवार अपने मवेशियों के साथ ही राशन आदि सामानों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की जुगत में जुट गए हैं।
प्रशासन भी बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर अलर्ट पर है। बाढ़ चौकियों पर राजस्व टीमें सारे जरूरी संसाधनों के साथ मुस्तैद हैं। बंधे की निगरानी की जा रही है। सोहावल में एक हजार तिरपाल आरक्षित रखी गई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में नावों की व्यवस्था की गई है। साथ ही राहत सामग्री भी तैयार कराई जा चुकी है। लेखपाल व राजस्व कर्मियों को लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी का निर्देश है।
आबादी वाले क्षेत्रों में अभी बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। बाढ़ चैकियों पर तैनात कर्मियों को मुस्तैद रहने का निर्देश है। राजस्व टीमें भी स्थिति पर निगरानी रख रही हैं, हमारी टीम हर स्थिति के लिए अलर्ट है। बाढ़ से निपटने के लिए हमारी फुलप्रूफ तैयारी है।
-जीएल शुक्ल, एडीएम वित्त एवं राजस्व